जम्मू-कश्मीर सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लांच किया जेके कारीगरी मार्केटप्लेस, महिलाओं को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

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Jammu News: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने प्रदेश के स्थानीय और प्रामाणिक हस्तशिल्प उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को ‘जेके कारीगरी’ नाम से एक आधिकारिक मार्केटप्लेस लांच किया है। नई दिल्ली में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव के दौरान इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई।

आवास एवं शहरी विकास विभाग ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत इस पहल की शुरुआत की है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों की महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, पारंपरिक कलाओं को सहेजना और टिकाऊ रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कश्मीर के प्रसिद्ध पश्मीना, कानी और सोजनी शॉल के साथ पेपर माशे, अखरोट की लकड़ी की नक्काशी, क्रूएल कढ़ाई और कालीन उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही जम्मू क्षेत्र की चबड़ी, मैक्रेमे डेकोरेटिव उत्पाद, धार्मिक वस्तुएं और पारंपरिक खाद्य सामान भी खरीदे जा सकेंगे।

ग्राहकों को उत्पाद की प्रामाणिकता जांचने के लिए प्रत्येक सामान पर विशेष क्यूआर कोड की सुविधा दी गई है। इस कोड को स्कैन करके खरीदार कारीगर की जानकारी, जिला और जीआई टैग आसानी से सत्यापित कर सकते हैं। इसके माध्यम से बिक्री का पूरा पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे कारीगरों के खाते में जाएगा।

आयुक्त सचिव मंदीप कौर ने इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को शहरी महिला कारीगरों के लिए बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह सरकारी व्यवस्था महिलाओं को स्थानीय बाजार की सीमाओं से बाहर निकालकर देश और दुनिया के बड़े खरीदारों से सीधे जोड़ने में काफी मदद करेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में इस मिशन के तहत वर्तमान में 4000 से अधिक स्वयं सहायता समूहों से करीब 50 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार इन समूहों के कारोबार का दायरा बढ़ाने के लिए अन्य राज्यों के साथ तालमेल बिठा रही है ताकि स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिल सके।

मिशन से जुड़ी महिलाओं को कारीगरी और उत्पाद सुधार के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया है। इससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता में काफी सुधार आया है। महिलाएं अब अपनी पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार कर पा रही हैं।

इस अवसर पर नोडल अधिकारी कपिल शर्मा, विकास शर्मा, कश्मीर शहरी विकास प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी तज़ायुन मुख्तार और प्रबंध निदेशक मृदु सलाथिया मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने इस प्लेटफॉर्म के फायदों और भविष्य की रणनीतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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