Delhi News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस ने बीजेपी के आईटी सेल पर निशाना साधा है। वहीं बीजेपी ने पुलिस रिपोर्ट का हवाला देकर प्रदर्शन में आपराधिक तत्वों की मौजूदगी का गंभीर आरोप लगाया है।
छात्राओं की सुरक्षा और ट्रोल्स पर कांग्रेस का बड़ा हमला
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस कर रही थीं। वहां मौजूद युवा उनका समर्थन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़कियों को असली परेशानी बीजेपी के ट्रोल्स से हो रही है। इंटरनेट पर उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और प्रताड़ित किया जा रहा है।
बीजेपी प्रवक्ता ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर लगाए आरोप
तेलंगाना बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता एन.वी. सुभाष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अलग ही दावा किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन में 3,000 से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग शामिल थे। सुभाष के मुताबिक, प्रदर्शन में असली छात्रों से ज्यादा संख्या आपराधिक इतिहास वाले लोगों की थी।
बीजेपी प्रवक्ता ने दावा किया कि इसमें हत्या के 101, हत्या की कोशिश के 62, दुष्कर्म के 60 और डकैती के 2,089 आरोपी शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के समर्थन से इन तत्वों ने आंदोलन पर कब्जा किया। इसका मकसद देश में अशांति फैलाना और केंद्र सरकार को बदनाम करना था।
सुभाष ने कांग्रेस, आप और सपा पर राजनीतिक फायदे के लिए संसद ठप करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए जेन-जी तक अपना संदेश पहुंचाया। हालांकि, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पहल का स्वागत करने के बजाय आपत्ति जताई, जबकि प्रधानमंत्री सभी देशवासियों को अपना परिवार मानते हैं।