New Delhi News: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। डीजीसीए के ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारत आने-जाने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कुल संख्या 10.5 प्रतिशत घटकर 1.7 करोड़ रह गई है।
भारतीय एयरलाइंस के यात्रियों में आई 26 फीसदी गिरावट
हवाई पाबंदियों और मार्ग परिवर्तन के चलते भारतीय विमानन कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। घरेलू एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या में 26 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ भारत के रूट पर विदेशी एयरलाइंस की हिस्सेदारी और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई है।
एअर इंडिया और इंडिगो की विदेशी उड़ानों पर असर
आंकड़ों के अनुसार एअर इंडिया ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या में 35 प्रतिशत की तेज गिरावट आई है। अहमदाबाद हादसे के बाद उड़ानों में कटौती भी इसका कारण रही। वहीं इंडिगो के यात्रियों की संख्या 15.4 फीसदी घटकर 33.4 लाख रह गई, जो पिछले साल 39.5 लाख थी।
विदेशी एयरलाइंस की बढ़ी हिस्सेदारी और रूट चुनौतियां
दूसरी तरफ एमिरेट्स के यात्रियों में सात फीसदी की बढ़त दर्ज हुई और आंकड़ा 14.8 लाख पहुंचा। लुफ्थांसा और ब्रिटिश एयरवेज जैसी पश्चिमी कंपनियों ने भी भारत में उड़ानें बढ़ाईं। इसके विपरीत पाकिस्तान का एयरस्पेस बंद होने से दिल्ली हब वाली भारतीय कंपनियों की परिचालन लागत और परेशानी काफी बढ़ गई।