New Delhi News: फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बैठक को लेकर भारत सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने यह बयान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस दावे के बाद दिया है, जिसमें मीडिया से सवाल न लेने की बात कही गई थी।
वीवीआईपी दौरों के लिए तय मानक प्रक्रिया का दिया हवाला
सरकारी सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ने बताया कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय दौरे से पहले नेताओं के कार्यक्रमों की व्यवस्था तय करना एक सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया है। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि बैठक से पहले अमेरिकी टीम को ऐसे दौरों के लिए तय अपनी मानक कार्यप्रणाली की आधिकारिक जानकारी दी गई थी।
दरअसल, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक कार्यक्रम में दावा किया था कि जी-7 बैठक से पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने मीडिया को आमंत्रित करने लेकिन सवाल पूछने का अवसर न देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि पर्दे के पीछे हुई बातचीत में भारतीय पक्ष की इस प्राथमिकता से राष्ट्रपति ट्रंप को अवगत कराया गया था।
बैठक के दौरान मीडिया और दोनों नेताओं की बातचीत
सर्जियो गोर के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय अनुरोध को तुरंत स्वीकार कर लिया था। इसके बाद दोनों शीर्ष नेताओं की औपचारिक बैठक शुरू हुई, जिसमें दोनों देशों के मीडियाकर्मी और तकनीकी टीमें मौजूद थीं। बैठक की शुरुआत में दोनों वैश्विक नेताओं ने आमने-सामने बैठकर कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की थी।