बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान की भारत यात्रा रद्द, शेख़ हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर अड़ा ढाका

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Dhaka News: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान का प्रस्तावित भारत दौरा रद्द होने के बाद दोनों पड़ोसी देशों के राजनयिक संबंधों में जमी बर्फ पिघलती नजर नहीं आ रही है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने यात्रा टलने की पुष्टि करते हुए कहा कि द्विपक्षीय बातचीत और उच्च स्तरीय दौरे के लिए पहले अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत है।

ढाका में बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एकेएम शाहिदुल करीम ने स्पष्ट किया कि भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और अन्य भगोड़े अपराधियों को तुरंत बांग्लादेश सौंपने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा छात्र नेता शरीफ़ उस्मान हादी की हत्या के मुख्य आरोपियों को भी द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत बांग्लादेश के हवाले करने की मांग की गई है।

बता दें कि 2024 के हिंसक आंदोलन के बाद शेख़ हसीना सरकार का तख्तापलट हो गया था, जिसके बाद से वे भारत में शरण लिए हुए हैं। वहीं दिसंबर 2025 में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के आरोपी भी भारत भाग गए थे। हालांकि मेघालय पुलिस ने ढाका पुलिस के कुछ दावों का खंडन किया था, लेकिन बांग्लादेश अपनी मांग पर अड़ा हुआ है।

भारतीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तारिक़ रहमान को भारत आने का न्योता दिया था। इसके बाद सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भी बिम्सटेक अध्यक्ष के रूप में उन्हें आमंत्रित किया गया था। अगस्त के तीसरे हफ्ते में दौरे की खबरें थीं, लेकिन बांग्लादेश सरकार ने फिलहाल इस यात्रा को स्थगित कर दिया है।

भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीना सीकरी ने कहा कि प्रत्यर्पण एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और शेख़ हसीना खुद बांग्लादेश जाकर प्रक्रिया का सामना करने को तैयार हैं। सीकरी के मुताबिक, बांग्लादेश का यह रुख बाहरी ताकतों के दबाव का नतीजा हो सकता है। दूसरी तरफ, पूर्व अमेरिकी राजनयिक जॉन डेनिलोविच ने बांग्लादेश के इस फैसले को रणनीतिक रूप से समझदारी भरा बताया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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