Guwahati News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि राहुल गांधी महिला अधिकारों के समर्थक नहीं हैं, बल्कि महिला सशक्तीकरण की आड़ में हिंदू धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।
मनुस्मृति और शरिया की तुलना पर उठाए गंभीर सवाल
हिमंत बिस्व सरमा ने सवाल किया कि राहुल गांधी शरिया में मौजूद मध्यकालीन और पितृसत्तात्मक प्रथाओं पर कभी खुलकर क्यों नहीं बोलते। उन्होंने स्पष्ट किया कि शरिया जहां इस्लामिक न्यायशास्त्र का आधार है, वहीं मनुस्मृति हिंदू धर्म में कोई बाध्यकारी संहिता नहीं है और इसका कोई वैसा अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हिंदू धर्म की ताकत समय के साथ खुद को बदलने और सुधारने की रही है। उन्होंने जनता से सवाल किया कि क्या राहुल गांधी का वास्तविक मकसद महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना है या फिर वे केवल हिंदू धर्म पर निशाना साधने का बहाना ढूंढ रहे हैं।
पुणे में छात्रों से बातचीत के दौरान उठा था विवाद
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में छात्राओं से बातचीत के दौरान मनुस्मृति की सोच की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को किसी के अधीन नहीं होना चाहिए और पितृसत्तात्मक सोच को पूरी तरह खत्म किया जाना चाहिए, जिस पर अब विवाद गहरा गया है।