गुवाहाटी होटल हत्याकांड के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की शिवसागर में पुलिस मुठभेड़ में मौत, सब-इंस्पेक्टर घायल

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Sivasagar News: गुवाहाटी के होटल में पांच लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की शिवसागर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। पुलिस उसे बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में शिवसागर ले जा रही थी। रास्ते में उसने कथित तौर पर सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्टल छीनकर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।

असम के गुवाहाटी में चर्चित होटल गोलीकांड के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की बुधवार को शिवसागर जिले में पुलिस फायरिंग के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को 2024 के एक पुराने बैंक धोखाधड़ी मामले में गुवाहाटी सेंट्रल जेल से शिवसागर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसने पुलिस टीम पर हमला कर भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।

वाहन रुकवाकर पिस्टल छीनने का किया प्रयास

शिवसागर जिले की पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया के मुताबिक, यह घटना जिले के फूलपानिचिगा इलाके में हुई। रास्ते में गोगोई ने पुलिस टीम से कुछ देर के लिए वाहन रोकने को कहा। जैसे ही वह गाड़ी से नीचे उतरा, उसने धोखाधड़ी मामले के जांच अधिकारी और सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा की सर्विस पिस्टल छीनने का प्रयास किया।

झड़प के दौरान चली गोलियों में से एक गोली सब-इंस्पेक्टर शर्मा के दाहिने पैर में लगी, जबकि दो गोलियां पुलिस वाहन पर जा लगीं। सुरक्षाकर्मियों के अनुसार, गोगोई एक प्रशिक्षित निशानेबाज था। स्थिति को नियंत्रित करने और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए टीम में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें गोगोई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल सब-इंस्पेक्टर का उपचार जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

26 अक्टूबर को होटल में हुई थी पांच लोगों की हत्या

घनकांत गोगोई पर 26 अक्टूबर को गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित ‘होटल विलास इन’ में पांच लोगों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था। यह वारदात रात करीब नौ बजे अंजाम दी गई थी। पुलिस जांच के अनुसार, गोगोई ने यह होटल भराली परिवार से लीज पर लिया था।

10 सितंबर 2025 को दोनों पक्षों के बीच लगभग 1.8 लाख रुपये प्रति माह के किराए पर पांच साल का लीज एग्रीमेंट हुआ था। इसके बाद होटल में कराए गए निर्माण व अन्य कार्यों को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद गहरा गया, जिसके चलते सामूहिक हत्याकांड की घटना घटी।

बैंक धोखाधड़ी मामले में लिया गया था हिरासत में

होटल में हुई हत्याओं के बाद पुलिस ने गोगोई को गिरफ्तार किया था। वारदात का क्रम समझने के लिए 2 नवंबर को उसे घटनास्थल पर भी ले जाया गया था। 3 नवंबर को गुवाहाटी की एक अदालत ने पुलिस की अतिरिक्त सात दिन की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

इसके तुरंत बाद शिवसागर पुलिस ने वर्ष 2024 में दर्ज एक बैंक धोखाधड़ी मामले में उसकी हिरासत हासिल की थी। यह मामला पंजाब नेशनल बैंक की शिवसागर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक देबब्रत बरगोहाईं की शिकायत पर दर्ज हुआ था, जिसमें गोगोई पर कार लोन की किस्तें न चुकाने और बैंक प्रबंधक को धमकी देने का आरोप था। मुठभेड़ की इस घटना के बाद फॉरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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