Delhi News: भारतीय सेना के पूर्व सेना प्रमुख जनरल विश्वनाथ शर्मा का 96 वर्ष की आयु में शुक्रवार को निधन हो गया। वे 1988 से 1990 तक भारतीय सेना के प्रमुख रहे थे। जनरल शर्मा देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के छोटे भाई थे और उन्होंने अनुकरणीय सेवा दी।
भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। सेना प्रमुख और सभी अधिकारियों ने उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं जताई हैं। सेना ने कहा कि जनरल शर्मा ने साहस और निस्वार्थ सेवा की अपनी पारिवारिक गौरवशाली परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाया।
सैन्य करियर और 1965 युद्ध में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
जनरल शर्मा का जन्म 4 जून 1930 को एक प्रतिष्ठित सैन्य परिवार में हुआ था। वर्ष 1950 में भारतीय सैन्य अकादमी से पासआउट होकर वे 16 लाइट कैवेलरी में शामिल हुए। उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान लाहौर सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें एवीएसएम और पीवीएसएम से सम्मानित किया गया।
वे आजादी के बाद कमीशन होकर भारतीय सेना प्रमुख बनने वाले पहले सैन्य अधिकारी थे। उनके कार्यकाल के दौरान अरुणाचल प्रदेश के सुमदोरोंग चू क्षेत्र में चीन के साथ सीमा पर भारी तनाव उत्पन्न हो गया था। उनके मजबूत और कुशल सैन्य नेतृत्व के कारण चीनी सेना को अपनी सैन्य टुकड़ियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निधन पर जताया गहरा दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व सेना प्रमुख के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जनरल शर्मा एक महान सैन्य लीडर थे, जिन्होंने अटूट समर्पण और साहस के साथ राष्ट्र की सेवा की। उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।