Ottawa News: भारत और कनाडा के कूटनीतिक रिश्तों में एक बार फिर नया तनाव देखने को मिल सकता है। कनाडा की विपक्षी न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी की दो महिला सांसदों ने अपनी सरकार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के कनाडा प्रवेश पर रोक लगाने का भी आग्रह किया है|​
एनडीपी की विदेश मामलों की प्रवक्ता हीथर मैकफरसन और इमिग्रेशन प्रवक्ता जेनी क्वान ने यह पत्र लिखा है। उन्होंने कनाडा की विदेश मंत्री, पब्लिक सेफ्टी मंत्री और इमिग्रेशन मंत्री को चिट्ठी भेजकर तुरंत कार्रवाई की अपील की है। दोनों सांसदों की यह मांग मोहन भागवत की अगस्त अंत में प्रस्तावित यात्रा से ठीक पहले आई है।
कनाडाई सांसदों ने लगाए गंभीर आरोप
सांसदों ने अपने पत्र में आरएसएस पर कई गंभीर आरोप मढ़े हैं। हीथर मैकफरसन ने दावा किया कि यह संगठन धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाता है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा में संगठन के खिलाफ बोलने वाले लोगों को डराया-धमकाया जाता है।
एनडीपी नेताओं का कहना है कि कनाडा में रह रहे अल्पसंख्यक समुदायों में संघ की मौजूदगी से डर का माहौल है। हालांकि, ये सभी दावे विपक्षी सांसदों के राजनीतिक बयान हैं। कनाडा सरकार की ओर से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है।
31 अगस्त से प्रस्तावित है भागवत का दौरा
संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत का कनाडा दौरा 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच प्रस्तावित है। इसी यात्रा को देखते हुए विपक्षी सांसदों ने सरकार से पहले ही कड़ा कदम उठाने को कहा है। उनका तर्क है कि सरकार को सुरक्षा जोखिमों का आकलन जरूर करना चाहिए|â
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले से काफी नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में एक प्रमुख भारतीय संगठन से जुड़ी मांग तनाव बढ़ा सकती है। अब देखना होगा कि कनाडाई सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है।