Guwahati News: असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन ऊपरी असम के कई क्षेत्रों में स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार चार और मौतों के साथ मृतकों की कुल संख्या 66 हो गई है।
वर्तमान में राज्य के 10 जिलों के 810 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इससे लगभग 6.54 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 34,970 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। शिवसागर में दिखौ और नुमलीगढ़ में धनसिरी नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
राहत कार्यों के लिए सरकार ने उठाए कदम
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर शनिवार रात हुई कैबिनेट बैठक में राहत कार्य तेज करने का फैसला लिया गया। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 274 राहत शिविर और वितरण केंद्र बनाए हैं। जहां 1.41 लाख से अधिक लोग खाद्य सामग्री और आश्रय प्राप्त कर रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 210 मेडिकल टीमें और 55 नावें तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। प्रभावितों के बीच चावल, दाल, तेल और पशुओं के लिए भारी मात्रा में चारा बांटा जा रहा है।
पशुओं और बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान
बाढ़ से 4.54 लाख से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं, जबकि चराईदेव और जोरहाट जिलों में 3,021 पशु बह गए हैं। इसके अलावा राज्य में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है। केंद्रीय मंत्री पवित्र मार्घेरिटा ने जोरहाट में बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।