सपा के वरिष्ठ विधायक और 5 बार के एमएलए आलम बदी का निधन, सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे

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Azamgarh News: उत्तर प्रदेश के सबसे उम्रदराज विधायक और वरिष्ठ सपा नेता आलम बदी आजमी का गुरुवार सुबह निधन हो गया। आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से 5 बार विधायक चुने गए आलम बदी अपनी बेहद साधारण जीवनशैली, ईमानदारी और बेदाग राजनीतिक छवि के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।

पेशे से इंजीनियर रहे आलम बदी की राजनीति में एंट्री काफी देर से हुई थी। सिंचाई विभाग से रिटायर होने के बाद वे मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। उन्होंने 1996 में अपने पहले ही प्रयास में निजामाबाद सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था।

निजामाबाद सीट से दर्ज की लगातार 5 बार जीत

आलम बदी ने 1996 और 2002 में निजामाबाद से जीत हासिल की। हालांकि 2007 में उन्हें बीएसपी उम्मीदवार के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए 2012, 2017 और 2022 में जीत की शानदार हैट्रिक बनाई। वे मुलायम सिंह और अखिलेश यादव दोनों के काफी करीबी रहे।

बदी का जन्म 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में हुआ था, लेकिन पढ़ाई गोरखपुर से हुई। उन्होंने इस्लामिया इंटर कॉलेज से 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। हाल ही में उन्होंने पास होने के 76 साल बाद अपना हाईस्कूल सर्टिफिकेट प्राप्त किया था।

स्कूटी और बस से सफर, सादगी ऐसी कि ठुकरा दिया मंत्री पद

5 बार विधायक रहने के बावजूद आलम बदी वीआईपी कल्चर से हमेशा दूर रहे। वे विधानसभा जाने के लिए स्कूटी या रोडवेज बसों का प्रयोग करते थे और कभी सुरक्षा गार्ड नहीं लेते थे। वे चुनाव प्रचार में केवल 2 से 3 लाख रुपये ही खर्च करते थे।

कई बार मंत्री पद का ऑफर मिलने पर भी उन्होंने इसे यह कहकर ठुकरा दिया कि यह मौका युवाओं को मिलना चाहिए। 90 साल की उम्र तक सक्रिय रहे बदी के पास कुल 40 लाख रुपये की ही संपत्ति थी। उनकी सादगी और साफ़ छवि विरोधियों पर भी भारी पड़ती थी।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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