भारत में डेटा सेंटर परियोजनाओं का बढ़ा विरोध, ठाणे और विशाखापत्तनम में स्थानीय निवासियों ने खोला मोर्चा

Share

- Advertisement -

New Delhi News: भारत की एआई क्षेत्र में वैश्विक महाशक्ति बनने की महत्वाकांक्षा को अब स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र के ठाणे और आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में विशाल डेटा सेंटर परियोजनाओं के खिलाफ स्थानीय निवासियों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

स्थानीय संसाधनों और पर्यावरण पर दबाव की जताई चिंता

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों में बन रहे ये डेटा सेंटर स्थानीय जल स्रोतों, बिजली आपूर्ति और भूमि पर अत्यधिक दबाव डालेंगे। केंद्र सरकार जहां डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा दे रही है, वहीं नागरिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इन विशाल परिसरों के निर्माण का विरोध कर रहे हैं।

ठाणे के बल्कुम और माजिवाड़ा में बन रहे डेटा सेंटर को लेकर निवासियों ने पानी और बिजली संकट की आशंका जताई है। हालांकि अमेजन ने स्पष्ट किया है कि वे उन्नत एयर-कूलिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं और परिसर में कूलिंग के लिए स्थानीय पीने योग्य पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

विशाखापत्तनम में भी गूगल-अदानी परियोजना का विरोध

विशाखापत्तनम में भी नागरिक समूह प्रस्तावित गूगल-अदानी हाइपरस्केल एआई डेटा सेंटर कॉम्प्लेक्स का विरोध कर रहे हैं। एक गीगावाट क्षमता का यह विशाल क्लस्टर तीन अलग-अलग स्थानों पर फैला होगा। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरियों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने 2022 में डेटा सेंटरों को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया था और विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए कर छूट की घोषणा की है। बढ़ते निवेश के बीच अब कंपनियों को स्थानीय निवासियों और पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना होगा।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News