एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का बड़ा फैसला, सात हवाई अड्डों पर शुरू होंगे 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर

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New Delhi News: देश में पायलट ट्रेनिंग को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) ने बड़ा कदम उठाया है। संस्था ने सात एयरपोर्ट्स पर 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन स्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इससे विदेशी ट्रेनिंग सेंटरों पर निर्भरता कम होगी।

विदेशी निर्भरता घटाने के लिए एएआई ने पूरी की ई-टेंडर प्रक्रिया

एएआई ने इस साल फरवरी में ई-टेंडर जारी किया था। इसके तहत 30 अप्रैल को टेक्निकल बिड और 22 मई को फाइनेंशियल बिड खोली गई। सभी साइट्स के लिए यह प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही है। भारत के तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय का अनुमान है कि अगले दशक में देश को 30,000 से अधिक नए पायलटों की जरूरत होगी। वहीं भारतीय एयरलाइंस अगले पांच वर्षों में लगभग 500 नए विमान जोड़ेगी। इसके साथ ही देश के एयरपोर्ट नेटवर्क में 50 नए और एयरपोर्ट जुड़ने का अनुमान जताया गया है।

घरेलू ट्रेनिंग क्षमता में विस्तार से प्रतिवर्ष मिलेंगे सैकड़ों नए पायलट

फिलहाल भारत में 63 फ्लाइंग बेस से 41 डीजीसीए मंजूरशुदा ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं। एएआई के अनुसार अगर घरेलू क्षमता का विस्तार नहीं किया गया तो मांग पूरी करना कठिन होगा। इससे पहले भी 2021 और 2022 में कई एयरपोर्ट्स पर नए स्लॉट दिए गए थे।

शुरुआती चरण में ये 11 नए केंद्र 60 से 70 ट्रेनिंग विमान जोड़ेंगे। बाद में इनकी क्षमता बढ़कर 120 विमानों तक पहुंच जाएगी। इस व्यवस्था से शुरुआती दौर में हर साल 400 से 500 प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग मिलेगी। पूरी क्षमता पर यह आंकड़ा 1500 तक पहुंच जाएगा।

देश में व्यावसायिक पायलट लाइसेंस जारी करने की संख्या में भी इजाफा हुआ है। यह आंकड़ा 2018 में 640 था जो 2024 में बढ़कर 1628 हो गया। रीजनल एयरपोर्ट्स पर नए ट्रेनिंग सेंटर खुलने से इच्छुक युवाओं के लिए किफायती और आसान विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।

Desh Raj
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