Bundi News: राजस्थान के बूंदी जिले के रहने वाले गरीब परिवार के छात्र सूरज सैनी ने नीट यूजी परीक्षा में 583 अंक हासिल कर बड़ी सफलता पाई है। अब उनका सपना सरकारी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करके डॉक्टर बनने का है। तीसरे प्रयास में मिली इस कामयाबी ने उनकी जिंदगी बदल दी है।
बुआ से मिली परीक्षा की जानकारी, पाई 85% अंक
सूरज सैनी एक बहुत ही गरीब परिवार से आते हैं। उन्हें कक्षा 12वीं तक नीट परीक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनकी बुआ ने उन्हें पहली बार इस एंट्रेंस टेस्ट के बारे में बताया था। उससे पहले उनका पूरा ध्यान 10वीं बोर्ड में बेहतर अंक लाने पर ही था।
हिंदी माध्यम के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करते हुए सूरज ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद 12वीं में भी उन्होंने 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अपनी लगन और मेहनत के दम पर उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में उम्मीद के मुताबिक ही शानदार प्रदर्शन करके दिखाया।
घर-घर पेंटिंग करके जुटाया अपनी पढ़ाई का खर्च
सूरज गर्मियों की छुट्टियों में आसपास के गांवों के घरों में पेंटिंग का काम करते थे। उन्होंने इसका कोई प्रोफेशनल कोर्स नहीं किया था, बल्कि दूसरों को देखकर खुद ही सीखा था। इस काम से मिलने वाले पैसों से वह अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ परिवार की आर्थिक मदद करते थे।
उनकी मां घीसी बाई खेतों में मजदूरी करती हैं। घर की आर्थिक तंगी के कारण सूरज की छोटी बहन गरिमा को 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। वह भी मां के साथ काम करने लगी। अब सूरज का सपना है कि उनकी बहन दोबारा स्कूल जाकर अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी करे।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता और मुफ्त कोचिंग का सहारा
सूरज ने पहली बार साल 2024 में नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने खुद से पढ़ाई की और बाद में कोटा के एलन करियर इंस्टीट्यूट के स्कॉलरशिप प्रोग्राम के तहत उन्हें मुफ्त कोचिंग और रहने की सुविधा मिल गई। इससे उनकी तैयारी को सही दिशा मिली।
नीट परीक्षा में 583 अंक और 99.16 पर्सेंटाइल हासिल करने के बाद सूरज को पूरा भरोसा है कि उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट जरूर मिलेगी। विपरीत परिस्थितियों से निकलकर सफलता पाने वाले सूरज अब डॉक्टर बनकर निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करना चाहते हैं।