Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में रविवार सुबह भूकंप के झटकों से अफरा-तफरी मच गई। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, इस हल्के झटके ने राज्य में बड़े खतरे के प्रति अलर्ट जरूर कर दिया है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार यह भूकंप सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर आया था। इसका केंद्र मंडी जिले में जमीन से लगभग 8 किलोमीटर गहराई में था। रविवार का दिन होने के कारण लोग घरों में थे। कंपन महसूस होते ही नागरिक सतर्कता बरतते हुए तुरंत खुले और सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले।
हिमाचल के कई जिले अति संवेदनशील जोन में शामिल
विशेषज्ञों के मुताबिक यह झटका संकेत देता है कि जमीन के नीचे टेक्टोनिक प्लेट्स सक्रिय हैं। भारत को चार सिस्मिक जोन में बांटा गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश जोन-4 और जोन-5 में आता है। कांगड़ा, चंबा, किन्नौर और शिमला का हिस्सा जोन-5 में हैं। वहीं मंडी, कुल्लू, बिलासपुर और ऊना जिले जोन-4 के अंतर्गत शामिल हैं।
वर्ष 1905 के कांगड़ा भूकंप ने मचाई थी तबाही
हिमाचल में भूकंप की चर्चा होने पर वर्ष 1905 की आपदा को याद किया जाता है। उस समय 4 अप्रैल 1905 को कांगड़ा में 7.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था। इस भयंकर हादसे में करीब 20,000 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और कई मजबूत इमारतें मलबे के ढेर में बदल गई थीं।