Kullu News: अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के सातवें दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू कार्निवाल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य कार्निवाल में 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर जल्द ही 40 रुपये करने की घोषणा की।
देव परंपराओं और संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
समारोह के दौरान विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग से ही कुल्लू दशहरा का आयोजन भव्य रूप ले पाया है। उन्होंने कहा कि उत्सव में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक दलों की भागीदारी ने इसे वैश्विक स्तर पर ख्याति दिलाई है। सरकार प्रदेश के सांस्कृतिक दलों को विदेशों में भेजने के प्रयास कर रही है ताकि दुनिया भर के लोग हिमाचल की समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हिमाचल प्रदेश में देव परंपराओं को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है और देवी-देवताओं के आशीर्वाद से ही यह उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न होता है। इस वर्ष दशहरा उत्सव में बड़ी संख्या में देवी-देवताओं और श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इसी दिशा में अदरक का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया जा रहा है जिससे ग्रामीण किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर और गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने अंत में कहा कि इस वर्ष दशहरा उत्सव का आयोजन वास्तविक अर्थों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है और सरकार की व्यवस्था परिवर्तन की सोच इस आयोजन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।