Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 21 जुलाई के लिए मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. बीती रात से हो रही भारी बारिश के कारण शिमला के ठियोग समेत मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. भूस्खलन से कई रास्ते पूरी तरह ठप हैं.
सावन के महीने में चंबा जिले में लगातार भारी बारिश जारी है. भटियात विधानसभा क्षेत्र के लाहडू-नूरपुर मार्ग पर टिक्कर गला के पास बड़ा भूस्खलन हुआ. सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढहकर सीधे नदी में समा गया. इससे यातायात रुक गया और स्थानीय लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई.
चंबा के तीसा मुख्य मार्ग पर कंदला नाला में जलस्तर अचानक बढ़ गया. इसके कारण चांजू से चंबा जा रही एक प्राइवेट बस मंगलवार सुबह करीब 8 बजे से बीच नाले में फंसी है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जेसीबी भेजकर बस को सुरक्षित बाहर निकालने की मांग उठाई है.
सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण सीमांत सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त
अधिकारियों ने बताया कि चितकुल के रास्ते तिब्बत सीमा क्षेत्र को उत्तराखंड से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गया है. किन्नौर जिले में टुबर नाले पर बना पुल तेज बहाव में बह गया. इससे सेना और आईटीबीपी की अग्रिम चौकियों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है.
लाहौल-स्पीति की डीसी किरण भड़ाना ने बताया कि जालहमा नाले में आई बाढ़ से अस्थायी मार्ग बह गया है. इससे दोनों तरफ का ट्रैफिक रुक गया. प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं.
किसानों और बागवानों की फसल मंडियों तक पहुंचाने के लिए डीसी ने बीआरओ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि नाले का जलस्तर घटते ही अस्थायी सड़क को तुरंत बहाल किया जाए. इसके साथ ही निर्माणाधीन पक्के पुल का काम भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
चंद्रभागा नदी उफान पर, प्रशासन ने जारी की सख्त चेतावनी
जाहलमा नाले में बाढ़ के बाद चंद्रभागा नदी का पानी जोबरंग पुल से दो फुट ऊपर बह रहा है. वहीं स्पीति के शिचलिंग से ताबो तक का सड़क मार्ग भी बाढ़ के कारण बंद है. उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि जब तक रास्ता ठीक न हो, नाला पार न करें.
मौसम केंद्र शिमला ने प्रदेश के चार से पांच जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है. इसके बाद राज्य प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने सभी उपायुक्तों को निर्देश देकर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रखने को कहा है.
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की पहचान कर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड, पुलिस और एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह तैयार रखा है. आम जनता से अपील की गई है कि वे नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और केवल बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें.