Shimla News: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य में 30 जून से अब तक 197 लोगों की जान जा चुकी है। प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश को करीब ₹1,001.71 करोड़ का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन की राहत टीमें लगातार बहाली में जुटी हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन के अनुसार मंगलवार सुबह तक प्रदेश में 279 सड़कें बंद रहीं। 310 पेयजल योजनाएं और 84 ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं। मंडी में सबसे अधिक 32, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 10 सड़कें प्रभावित हैं। मार्ग बंद होने से स्थानीय जनता और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून के दौरान मौसम जनित हादसों में 81 लोगों की मौत हुई। इनमें लैंडस्लाइड, पत्थर गिरने, डूबने, सांप काटने और करंट लगने की घटनाएं शामिल हैं। लाहौल-स्पीति में सर्वाधिक 14 मौतें हुईं। कांगड़ा में 13 और शिमला में 12 मौतें दर्ज हुईं। इसके अलावा भीषण सड़क हादसों में 116 लोगों ने जान गंवाई।
भीषण बारिश के कारण 85 इमारतें पूरी तरह ढह गईं। वहीं 314 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इस आपदा में 429 मवेशियों की भी जान गई। पूरे प्रदेश में 313 लोग घायल हुए हैं, जबकि कांगड़ा से एक व्यक्ति लापता है। शिमला में घना कोहरा छाया हुआ है।
प्रशासन ने आम लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील जगहों और नदी-नालों के पास न जाने की चेतावनी जारी की गई है। पर्यटकों को सफर से पहले रास्तों की स्थिति जांचने को कहा गया है। बिजली, पानी और सड़कों को सुचारू करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।