हिमाचल में मिड-डे मील वर्करों का व्यापक प्रदर्शन, 12 महीने के वेतन और नियमितीकरण की उठी मांग

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (CITU) के आह्वान पर शुक्रवार को विभिन्न जिलों में व्यापक प्रदर्शन किए गए। कर्मियों ने शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए शिक्षा निदेशक को ज्ञापन सौंपा और सालभर में केवल 10 महीने का वेतन मिलने की व्यवस्था को समाप्त कर 12 महीने का वेतन देने की मुख्य मांग उठाई।

राज्यभर के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले लगभग 21,000 मिड-डे मील कर्मी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं। शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान शिमला में शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए CITU के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और यूनियन की राज्य महासचिव शांति देवी ने मासिक भुगतानों में हो रही कटौती को पूरी तरह अन्यायपूर्ण करार दिया। नेताओं ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वे हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के उन फैसलों को सख्ती से लागू करें, जो इन कर्मियों को 12 महीने का वेतन देने का समर्थन करते हैं।

मुख्य मांगें और समस्याएं

यूनियन के मांग पत्र में सरकार से कई गंभीर मुद्दों पर तुरंत कदम उठाने की मांग की गई है। कर्मियों का कहना है कि उन्हें अक्सर बिना छुट्टियों के काम करना पड़ता है और वेतन भुगतान में तीन महीने तक की देरी का सामना करना पड़ता है। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • साल भर का पूरा वेतन यानी 12 महीने का नियमित भुगतान।
  • स्कूल क्लस्टर योजना के तहत सेवा से हटाने पर रोक और सुरक्षा।
  • समय पर हर महीने वेतन का वितरण और नियमित चिकित्सा जांच।
  • हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक मानदेय।
  • आंगनवाड़ी कर्मियों की तर्ज पर 20 दिन का वार्षिक अवकाश।
  • स्कूलों में छात्रों की संख्या 25 होने की शर्त को हटाना, ताकि बच्चों की संख्या कम होने पर नौकरियां न जाएं।
  • मिड-डे मील योजना का विस्तार कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए करना।
  • सेवाओं को नियमित करने के लिए ठोस नीति का निर्माण।

अन्य शिकायतें और अतिरिक्त परेशानियां

यूनियन ने रोष व्यक्त किया कि चुनाव के दौरान ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें इसके लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं मिलता है। इसके अलावा, सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार का ग्रेच्युटी या पेंशन लाभ नहीं दिया जाता और न ही उनके चिकित्सा परीक्षण के खर्चों की प्रतिपूर्ति की जाती है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन जायज मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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