Mandi News: हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP-JICA) के तहत एफआईएस मसौली छत्तर में मल्चिंग शीट बिछाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस आधुनिक पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ना, खेती की लागत को कम करना और विशेष रूप से लहसुन की खेती को बढ़ावा देना है।
इस महत्वकांक्षी परियोजना के तहत कुल 99.17 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के लगभग 361 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। इस अवसर पर ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. अश्वनी कुमार और कृषि अधिकारी निशांत प्रशार विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को मल्चिंग तकनीक के लाभों की जानकारी दी और आधुनिक विधि से लहसुन की खेती करने के तौर-तरीके सिखाए।
मल्चिंग तकनीक के फायदे और किसानों की सहभागिता
कार्यक्रम के दौरान केवीए के प्रधान बुधि सिंह, मोटिवेटर शक्ति सिंह समेत कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। कृषि अधिकारियों ने बताया कि मल्चिंग शीट के इस्तेमाल से मिट्टी में नमी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे एक ओर जहां सिंचाई के पानी की भारी बचत होती है, वहीं निराई-गुड़ाई पर आने वाला खर्च भी काफी हद तक कम हो जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक तकनीक से लहसुन की फसल की पैदावार बेहतर होने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता में भी सुधार होता है। इस परियोजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक एवं लाभकारी कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लहसुन उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।