New Delhi News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने द्रमण-सिहुंता-जोत-चंबा-तीसा-पांगी वाया साच पास मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के तौर पर जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया।
सामरिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है यह मार्ग
स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि सेना की नवीं कोर के योल स्थित मुख्यालय से सरहद की हिफाजत के लिए सैनिकों और रसद पहुंचाने के वास्ते द्रमण-चंबा वाया साच पांगी मार्ग एक बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण विकल्प साबित हो सकता है। यह सड़क भारतीय सेना के डिविजनल मुख्यालय योल कैंट धर्मशाला के लिए एक अत्यंत संवेदनशील और सामरिक मार्ग है।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान या चीन द्वारा सीमा पर किसी भी संभावित आक्रमण के समय भारतीय सेना को अपने सैनिकों और युद्ध सामग्री को सीमावर्ती इलाकों तक तेजी से पहुंचाने के लिए यह सड़क बेहद कारगर साबित होगी। यह देश की सुरक्षा से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
सड़क के संशोधन और केंद्रीय मंत्री का आश्वासन
कुलदीप सिंह पठानिया ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस सड़क का चंबा-तीसा-बैरागढ़-साच तक का हिस्सा फिलहाल भारत सरकार द्वारा बीआरओ (BRO) के तहत बनाने का मामला विचाराधीन है, लेकिन इससे पूरी उद्देश्य की पूर्ति नहीं होगी। उन्होंने मांग की कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस सड़क में द्रमण-सिंहुता-चुवाड़ी-चंबा वाया जोत मार्ग को भी शामिल किया जाए।
उन्होंने जानकारी दी कि इस सड़क का एक हिस्सा पहले ही विश्व बैंक और सीआईएफ के तहत चौड़ा किया जा चुका है और यह लगभग डबल लेन है। इस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया कि नए राष्ट्रीय राजमार्गों की घोषणा के लिए सरकार की नई नीति अंतिम रूप से विचार-विमर्श की प्रक्रिया में है और मापदंड तय होने के बाद इस मार्ग को जनहित में स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके अलावा बैठक में चंबा-चुवाड़ी टनल निर्माण की मांग भी रखी गई।