Una News: प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के जीर्णोद्धार और विस्तार कार्यों पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत प्रसाद योजना के अंतर्गत 56.26 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला विश्राम भवन का निर्माण किया जाएगा, जिसमें चार हजार श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा होगी।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के जीर्णोद्धार और विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। इस परियोजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों के टेंडर अवार्ड किए जा चुके हैं, जिन्हें मंदिर न्यास, लोक निर्माण विभाग और एचपीआरटीसी के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
प्रसाद योजना के तहत बनेगा चार मंजिला आधुनिक भवन
प्रसाद योजना के अंतर्गत मंदिर परिसर के पास लगभग 1696 वर्ग मीटर क्षेत्र में 56.26 करोड़ रुपये की लागत से चार मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। इस भवन में एक साथ करीब 4,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। इससे विशेषकर बरसात, तेज धूप और खराब मौसम के दौरान दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
इस परियोजना में स्थानीय दुकानदारों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। निर्माण कार्य के कारण प्रभावित होने वाले करीब 40 दुकानदारों को इसी नए भवन में आधुनिक दुकानें उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के जूते, बैग और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा।
रोप-वे प्रोजेक्ट और 70 करोड़ के विकास कार्य
मंदिर के विकास को गति देने के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये के कार्य पहले ही आबंटित किए जा चुके हैं। योजना के अनुसार, प्रसाद योजना के तहत बनने वाले इस नए भवन के एक कोने पर रोप-वे की लैंडिंग का प्रावधान किया गया है। करीब 75 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली इस रोप-वे परियोजना के सभी कार्य हिमाचल प्रदेश रोपवे एवं रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकास निगम (एचपीआरटीसी) के अधीन एक निजी कंपनी के माध्यम से करवाए जाएंगे।
संयुक्त कमेटी की निगरानी में होगा निर्माण
इस पूरी परियोजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लोक निर्माण विभाग, मंदिर न्यास और पर्यटन विभाग की एक संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी देखरेख में सभी निर्माण कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के सहयोग से जारी बजट के तहत टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य आरंभ कर दिए गए हैं, जिससे भविष्य में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को उच्च स्तर की आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।