महाराष्ट्र एफडीए ने पहली बार जारी किया वार्षिक खाद्य सुरक्षा कैलेंडर, त्योहारों पर मिलावट रोकने के लिए कड़े नियम

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Mumbai News: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने गुरुवार को पहली बार सालभर का खाद्य सुरक्षा कैलेंडर जारी किया। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान मिलावट रोकना और पहले से व्यापक योजना तैयार करना है। अब विभाग को हर त्योहार के लिए अलग से आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

विभाग के अनुसार गणेशोत्सव, दिवाली, ईद, क्रिसमस और होली जैसे पर्वों पर मिठाइयों, दूध उत्पादों और खाद्य तेल की मांग काफी बढ़ जाती है। मांग में भारी बढ़ोतरी के कारण बाजार में असुरक्षित और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री का जोखिम भी बढ़ जाता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

त्योहारों को तीन श्रेणियों में बांटकर निगरानी

एफडीए ने त्योहारों को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में गणेशोत्सव, नवरात्र, दिवाली, ईद और क्रिसमस जैसे बड़े त्योहार शामिल हैं, जिनके लिए चार स्तरीय निरीक्षण प्रणाली लागू होगी। दूसरी श्रेणी में मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, जन्माष्टमी और गुड़ी पड़वा जैसे पर्व रखे गए हैं, जहां जोखिम के आधार पर जांच होगी।

तीसरी श्रेणी में स्थानीय मेलों, जुलूसों और ग्रामीण स्तर के उत्सवों को शामिल किया गया है। चार चरणों वाली व्यवस्था के तहत पहला चरण त्योहार से 15 से 21 दिन पहले शुरू होगा। इस दौरान संवेदनशील इलाकों की पहचान, दुकानों का ब्योरा और सैंपलिंग की पूर्व तैयारी पूरी की जाएगी।

चार चरणों में होगी सख्त सैंपलिंग और जांच

दूसरा चरण त्योहार से 14 दिन पहले शुरू होगा, जिसमें उत्पादन केंद्रों, गोदामों और परिवहन की जांच कर सैंपल लिए जाएंगे। तीसरे चरण में त्योहार के दिन बाजारों, मिठाई दुकानों और होटलों का औचक निरीक्षण होगा। चौथा चरण पर्व के बाद 30 दिनों तक चलेगा, जिसमें लैब रिपोर्ट और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिवरात्रि और नवरात्र पर कुट्टू के आटे जैसे फलाहारी पदार्थों की जांच होगी। वहीं ईद, दिवाली और होली पर दूध व डेयरी उत्पादों पर मुख्य ध्यान रहेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि 25 प्रतिशत से अधिक टीपीसी वाले कुकिंग ऑयल का दोबारा इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए।

सामुदायिक आयोजनों और कारोबारियों के लिए निर्देश

महाप्रसाद, इफ्तार, लंगर और भंडारे जैसे बड़े आयोजनों के लिए आयोजकों को पंजीकृत कैटरर्स की सेवाएं लेने को कहा गया है। ऐसे आयोजनों की पूर्व सूचना स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी को देना अनिवार्य होगा। परोसे जाने वाले सभी प्रकार के भोजन को तय मानकों पर खरा उतरना जरूरी होगा।

सभी खाद्य कारोबारियों को अपनी दुकानों पर लाइसेंस नंबर और क्यूआर कोड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के आदेश दिए गए हैं। कच्चा माल केवल अधिकृत सप्लायर से ही खरीदा जा सकेगा। भोजन में किसी भी तरह के प्रतिबंधित रंग या औद्योगिक केमिकल के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।

Desh Raj
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