Mumbai News: नितेश तिवारी निर्देशित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ की रिलीज से पहले अभिनेता रणबीर कपूर और यश ने सिनेमा निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल पर अपनी बेबाक राय रखी है। दोनों अभिनेताओं का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक तकनीक फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को सुगम और भव्य बना सकती है, लेकिन यह कभी भी इंसानी भावनाओं, मौलिक रचनात्मकता और अभिनय की जगह नहीं ले सकती।
मुंबई में आयोजित भव्य प्रीमियर के बाद बीबीसी से बातचीत में फिल्म के मुख्य कलाकारों ने तकनीकी प्रगति और कला के संतुलन पर चर्चा की। 5 नवंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही इस भव्य फिल्म के टीजर रिलीज के बाद से ही इसके विजुअल इफेक्ट्स (VFX), भव्य सेट्स और संगीत की व्यापक चर्चा हो रही है।
इंसानी जुड़ाव ही कला की असली ताकत: रणबीर कपूर
फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर ने कहा कि कला का प्रभाव तभी गहरा होता है जब उसमें मानवीय स्पर्श शामिल हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI को VFX, स्पेशल इफेक्ट्स या नए कैमरा लेंस की तरह केवल फिल्ममेकिंग को बेहतर बनाने वाले साधन (टूल) के रूप में देखा जाना चाहिए।
रणबीर के अनुसार, “कला हमेशा तब अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी होती है जब उसमें इंसानी जज्बात जुड़े हों। जिस माध्यम से हम आते हैं—कहानी कहना, कला और परफॉर्मिंग आर्ट—मुझे नहीं लगता कि कोई भी मशीन या AI कभी इसका स्थान ले सकती है।”
सोच-समझकर तकनीक का उपयोग जरूरी: यश
फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश ने भी तकनीक के अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया के केंद्र में इंसान ही हैं और यह स्पष्ट होना चाहिए कि AI का दायरा कहां तक सीमित रखा जाए।
यश ने रेखांकित किया कि इंसानों के भीतर नई कल्पनाएं गढ़ने और लीक से हटकर कुछ रचनात्मक करने की असीम क्षमता होती है, जिसके सामने कोई भी मशीन टिक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि इंसान हमेशा परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़े हैं, इसलिए AI के इस्तेमाल में विवेक और संतुलन बनाए रखना सबसे अहम है।