New Delhi News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। विशेष अदालत इस मामले में 18 नवंबर को अपना फैसला सुनाएगी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में मुख्य और पूरक आरोप पत्र दाखिल किए हैं, जिनकी सुनवाई पूरी हो चुकी है।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच एजेंसी और आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के वकील की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद यह आदेश सुरक्षित रखा। मामले में सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वी. के. पाठक पेश हुए। अदालत मुख्य आरोप पत्र में नामजद अन्य 13 आरोपियों के खिलाफ पहले ही दलीलें सुन चुकी है।
सीबीआई जांच और चार्जशीट का घटनाक्रम
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कथित मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेपर लीक की जांच के लिए मई 2026 में मामला दर्ज किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने जुलाई में 13 आरोपियों के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दाखिल किया, जिस पर अदालत ने अगस्त 2026 में संज्ञान लिया था।
जांच के दौरान 2 सितंबर को महाराष्ट्र के पुणे निवासी 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को गिरफ्तार किया गया। शेषराव की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद सीबीआई ने उसके खिलाफ अदालत में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट (पूरक आरोप पत्र) पेश की।
नांदेड़ में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और दस्तावेज जब्त करने का आरोप
सीबीआई के अनुसार, हिरासत में पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी शेषराव ने एक अन्य प्रमुख आरोपी शुभम खैरनार के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। इस साजिश के तहत परीक्षा से पहले ही NEET-UG 2026 के कथित रूप से लीक हुए प्रश्न उम्मीदवारों तक पहुंचाए गए और इसके एवज में परीक्षार्थियों तथा उनके परिवारों से बड़ी रकम वसूली गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी उम्मीदवारों को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक मकान में ले गया था, जहां उन्हें कथित लीक प्रश्न उपलब्ध कराए गए। बाद में पूरी रकम का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आरोपियों ने उम्मीदवारों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र और दस्तावेज अपने पास बंधक के रूप में रख लिए थे।
मामले में नामजद सभी 14 आरोपी
सीबीआई द्वारा इस मामले में सूर्यवंशी और खैरनार के अलावा जिन अन्य आरोपियों को नामजद किया गया है, उनमें मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल शामिल हैं। सीबीआई का कहना है कि सिंडिकेट के अन्य सहयोगियों और साजिश की कड़ियों को लेकर जांच अभी अहम चरण में है। अदालत अब 18 नवंबर को तय करेगी कि सभी आरोपियों के खिलाफ किन धाराओं में आरोप तय किए जाएं।