Bengaluru News: अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के बदलते तौर-तरीकों पर शिकंजा कसने के लिए केंद्रीय और राज्य की जांच एजेंसियों ने एकजुट होकर रणनीति बनाई है। बेंगलुरु में आयोजित तीसरी त्रैमासिक संयुक्त समन्वय समिति की बैठक में गांजा तस्करी, एटोमिडेट का अवैध प्रसार, हवाला नेटवर्क और विद्यार्थियों के बैंक खातों के दुरुपयोग जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशे के अवैध कारोबार और तस्करी के बदलते तौर-तरीकों से निपटने के लिए केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियों ने आपसी समन्वय मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस उद्देश्य के तहत बेंगलुरु में कर्नाटक की तीसरी त्रैमासिक राज्य स्तरीय संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक का मुख्य लक्ष्य नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान सुनिश्चित करना रहा।
केंद्रीय और राज्य स्तर की प्रमुख एजेंसियों की भागीदारी
बैठक की अध्यक्षता स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के उप महानिदेशक ने की। इस उच्चस्तरीय समन्वय बैठक में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई), केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, सीमा शुल्क, आयकर विभाग, खुफिया ब्यूरो (आईबी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राज्य एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
एटोमिडेट की तस्करी और एएनटीएफ की मजबूती पर मंथन
बैठक के दौरान नशीली दवाओं के क्षेत्र में एटोमिडेट की बढ़ती तस्करी और इसके नए रुझानों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही राज्य स्तर पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
समिति ने जेसीसी द्वारा प्रवर्तन निदेशालय को भेजे गए मामलों में वित्तीय जांच की प्रगति की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, एनडीपीएस (NDPS) मामलों में नशीले पदार्थों के अवैध व्यापार निवारण अधिनियम (पीआईटीएनडीपीएस) के तहत अपराधियों की निवारक हिरासत से जुड़ी कार्रवाइयों की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
गांजा तस्करी, हवाला नेटवर्क और बैंक खातों के दुरुपयोग का खुलासा
बैठक में जांच एजेंसियों ने तस्करी से जुड़े अपने महत्वपूर्ण निष्कर्ष साझा किए। रेलवे सुरक्षा बल ने रेल मार्गों के जरिए होने वाली गांजा तस्करी से संबंधित विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत किए।
वहीं, राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने नशीले पदार्थों के कारोबार में हवाला के जरिए गुप्त रूप से धन हस्तांतरण के मामलों को उजागर किया। डीआरआई ने यह चिंताजनक तथ्य भी सामने रखा कि अफ्रीकी नागरिकों द्वारा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के लिए कॉलेज छात्रों के बैंक खातों का कथित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।
वर्ष 2026-2029 के विजन डॉक्यूमेंट पर अमल की तैयारी
बैठक के समापन पर वर्ष 2026-2029 के मादक पदार्थ नियंत्रण दृष्टि दस्तावेज (विजन डॉक्यूमेंट) को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति बनी। सभी उपस्थित केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आपसी सहयोग, संयुक्त अभियान और नियमित सूचना साझा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।