Shimla News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने हिमाचल प्रदेश के बड़े विश्वविद्यालयों में हाल ही में हुई फीस वृद्धि का कड़ा विरोध किया है। छात्र संगठन ने इसे छात्र हितों के खिलाफ बताया है। परिषद ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, नौणी विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में बढ़ाई गई फीस तुरंत वापस लेने की मांग उठाई है।
नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति पर लगे आरोपों की जांच की मांग
एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री भवानी ठाकुर ने सोमवार को बयान जारी कर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा को अधिकार बनाने के बजाय लगातार महंगा कर रही है। विश्वविद्यालयों में बार-बार फीस बढ़ाकर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक दबाव डाला जा रहा है, जो चिंता का विषय है।
भवानी ठाकुर ने दावा किया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों और परीक्षा शुल्क में 25 से 27 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। वहीं नौणी विश्वविद्यालय में फीस 52 से 62 प्रतिशत और कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में 30 से 38 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। इससे मध्यमवर्गीय और गरीब छात्रों के लिए पढ़ाई मुश्किल होगी।
चुनावी वादों का हवाला देकर एबीवीपी ने सरकार को घेरा
छात्र नेता ने याद दिलाया कि चुनाव के समय युवाओं को सस्ती और बेहतर शिक्षा का वादा मिला था। अब विश्वविद्यालयों के वित्तीय संकट का बोझ सीधे छात्रों पर डाला जा रहा है। भवानी ठाकुर ने कहा कि सरकार को शिक्षा को कमाई का जरिया बनाने के बजाय विश्वविद्यालयों को पर्याप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
एबीवीपी ने नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति पर लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी है। परिषद का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और छात्रों का सिस्टम पर भरोसा बना रहेगा। यदि सरकार ने फैसला वापस न लिया, तो राज्य भर में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा।