Shimla News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों पर कड़ा संज्ञान लिया है। पहले चरण में 18 टीजीटी और छह प्रवक्ताओं सहित 24 शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। इसके अलावा संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों की एसीआर में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों पर स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिन विषयों में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम 25 प्रतिशत से भी कम रहा है, उन पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने पहले चरण में 24 शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।
18 टीजीटी और छह प्रवक्ताओं पर गिरी गाज
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, जिन 24 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी गई है, उनमें 18 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और 6 प्रवक्ता (लेक्चरर) शामिल हैं। विभाग ने इससे पहले 25 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम देने वाले कुल 50 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद, जिनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, उनके खिलाफ यह अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है।
शेष 26 शिक्षकों के स्पष्टीकरण की जांच जारी
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, कारण बताओ नोटिस के दायरे में आए शेष 26 शिक्षकों के जवाबों का भी गहनता से आकलन किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही नियमों के तहत उनके खिलाफ भी आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग के इस सख्त रुख से खराब परिणाम देने वाले अन्य शिक्षकों की भी चिंता बढ़ गई है।
प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों की एसीआर में दर्ज होगी प्रतिकूल प्रविष्टि
विभाग की इस कार्रवाई का दायरा केवल विषय शिक्षकों तक ही सीमित नहीं रखा गया है। लचर कार्य प्रदर्शन वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों की प्रशासनिक जवाबदेही भी तय की गई है। संबंधित संस्था प्रमुखों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी, जिसका सीधा असर भविष्य में उनकी पदोन्नति (प्रमोशन) पर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत तैनात शिक्षकों के प्रदर्शन की समीक्षा कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही है।