Solan News: हिमाचल प्रदेश के बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) क्षेत्र में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि डिग्री केवल मंजिल नहीं बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। युवाओं को सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नए अवसर और समाधान पैदा करने वाला बनना होगा।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राज्यपाल ने 402 स्नातक विद्यार्थियों, पदक विजेताओं, शिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर स्वर्ण पदक प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विकसित भारत का रोडमैप
राज्यपाल ने विकसित भारत-2047 के संकल्प और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का एकमात्र ध्येय डिग्री या रोजगार पाना नहीं होना चाहिए। ज्ञान, कौशल, अनुसंधान, नवाचार और चरित्र निर्माण को बराबर प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सर्वांगीण विकास से ही युवा पीढ़ी समाज और देश को नई दिशा देने में पूरी तरह सक्षम बनेगी।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार के इस दौर में काम करने के तौर-तरीके तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे समय में तकनीकी ज्ञान के साथ रचनात्मकता, मानवीय संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का तालमेल बेहद जरूरी है। समारोह में दून विधायक राम कुमार चौधरी, उपायुक्त मनमोहन शर्मा और पुलिस अधीक्षक विनोद धीमान भी मौजूद रहे।