Nahan News: सिरमौर जिले के शिलाई में करवा चौथ के अवकाश के दिन जल शक्ति विभाग की भर्ती प्रक्रिया आयोजित किए जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर भाई-भतीजावाद और अनियमितता के आरोप लगाए हैं। भाजयुमो ने चयन सूची सार्वजनिक करने और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले अंतर्गत शिलाई विधानसभा क्षेत्र में जल शक्ति विभाग की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा करवा चौथ पर घोषित सरकारी अवकाश के दिन इस भर्ती के आयोजन को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला सिरमौर अध्यक्ष अरुण चौहान ने उद्योग एवं खनन मंत्री हर्षवर्धन चौहान पर सीधे तौर पर भाई-भतीजावाद करने और चहेतों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया है।
शुक्रवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अरुण चौहान ने शिलाई विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और भर्ती प्रणाली को लेकर मंत्री से जवाब मांगा।
800 आवेदकों में से केवल 120 को बुलाने पर सवाल
अरुण चौहान ने दावा किया कि जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर समेत विभिन्न पदों के लिए करीब 800 युवाओं ने आवेदन किया था, लेकिन प्रक्रिया में केवल 120 अभ्यर्थियों को ही बुलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकांश योग्य अभ्यर्थियों को लिखित कॉल लेटर तक नहीं भेजे गए, जबकि कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को केवल फोन कॉल करके बुलाया गया।
भाजयुमो नेता ने सवाल उठाया कि जब पूरे प्रदेश में सरकारी अवकाश था, तो ऐसी क्या आपात स्थिति थी कि उसी दिन भर्ती आयोजित करनी पड़ी। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि भर्ती के लिए कोई विशेष शॉर्टलिस्टिंग मापदंड तय किए गए थे, तो उन्हें आवेदन के समय सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया और सभी आवेदकों को समान अवसर से वंचित क्यों रखा गया।
अंकों और चयन प्रक्रिया की जांच की मांग
अरुण चौहान ने अभ्यर्थियों की योग्यता और चयन प्रक्रिया पर भी संदेह जताया। उन्होंने कहा कि सामने आ रहे तथ्यों के अनुसार करीब 30 से 40 अभ्यर्थी एक ही शिक्षण संस्थान से 90 से 92 प्रतिशत अंक लेकर उत्तीर्ण बताए जा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि विभाग भर्ती की मेरिट सूची, अभ्यर्थियों को बुलाने का आधिकारिक रिकॉर्ड और चयन के तय मापदंडों को तुरंत सार्वजनिक करे।
भाजयुमो ने चेताया कि यदि राज्य सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच नहीं कराई और तथ्य जनता के सामने नहीं रखे, तो संगठन बेरोजगार युवाओं के अधिकारों के लिए धरना-प्रदर्शन तेज करेगा और आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।