Ranchi News: चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ के चलते राजधानी रांची के करीब सात लाख लोगों को अगले तीन दिनों तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। आंधी-बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका को देखते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जलापूर्ति प्रभावित होने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने नागरिकों से पर्याप्त पानी का भंडारण करने की अपील की है।
मौसम विभाग द्वारा चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राजधानी रांची में जलापूर्ति व्यवस्था चरमराने की आशंका पैदा हो गई है। पेयजल एवं स्वच्छता स्वर्णरेखा शीर्षकार्य प्रमंडल, रांची के कार्यपालक अभियंता ने सार्वजनिक सूचना जारी कर शहरवासियों को सचेत किया है। चक्रवात के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में रूक्का जलशोध संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) और बूटी पंप हाउस में पानी का शोधन तथा पंपिंग कार्य रुक सकता है। इसके चलते 29 और 30 अक्टूबर को शहर के बड़े हिस्से में आपूर्ति प्रभावित रहेगी, जिसका असर 31 अक्टूबर तक बना रह सकता है।
रूक्का संयंत्र से राजधानी के विभिन्न हिस्सों में प्रतिदिन करीब 14.52 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। यहां से शोधित पानी को बूटी जलाशय और मुख्य वितरण लाइनों के जरिए विभिन्न जलमीनारों तक पहुंचाया जाता है। बिजली आपूर्ति ठप रहने से जलमीनारें पूरी तरह नहीं भर पाएंगी, जिसके कारण जलापूर्ति बाधित होना तय माना जा रहा है।
इन इलाकों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
बूटी जलापूर्ति तंत्र पर निर्भर रहने वाले प्रमुख क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। इनमें मुख्य रूप से:
- बरियातू
- मोरहाबादी
- कांटाटोली
- कोकर
- लालपुर
- बूटी मोड़
- चुटिया और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्र
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, ऊंचाई वाले इलाकों और वितरण पाइपलाइन के अंतिम छोर (टेल एंड) पर स्थित घरों में पानी का दबाव बेहद कम रहने या न पहुंचने की अधिक आशंका है।
सामान्य स्थिति बहाल होने में लगेगा समय, विभाग की अपील
पेयजल विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर शोधन और वितरण चक्र पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। बिजली बहाल होने के बाद भी जलमीनारों को दोबारा भरने और पाइपलाइन में सामान्य दबाव बनने में अतिरिक्त समय लगता है।
प्रशासन ने शहरवासियों, विशेषकर बहुमंजिला इमारतों के निवासियों और नियमित पाइपलाइन आपूर्ति पर निर्भर परिवारों से अपील की है कि वे पीने और अनिवार्य घरेलू कार्यों के लिए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पानी सुरक्षित रख लें तथा पानी के अनावश्यक खर्च से बचें।