पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी, ओडिशा के 35 लाख से अधिक किसानों को मिले 707 करोड़ रुपये

Share

- Advertisement -

Bhubaneswar News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात से देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त के रूप में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की। इस योजना के तहत ओडिशा के 35.38 लाख से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में कुल 707.60 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 24वीं किस्त जारी कर दी है। इस राष्ट्रव्यापी पहल के तहत देश के 9.34 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता भेजी गई।

ओडिशा के 35.38 लाख से अधिक सत्यापित किसानों को योजना के तहत 2,000-2,000 रुपये की किस्त प्राप्त हुई है, जिसके तहत राज्य को कुल 707.60 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) मिला है।

भुवनेश्वर स्थित ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) के कृषि शिक्षा सदन में इस अवसर पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंह देव, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता षाड़ंगी, एकाम्र-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह और खुर्दा के विधायक प्रशांत कुमार जगदेव सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर के मुख्य आयोजन का सीधा प्रसारण देखा गया। इसके साथ ही राज्य के विभिन्न जिलों, प्रखंडों, पंचायतों, पैक्स और कृषि मंडियों में भी किसानों की सहभागिता के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़: मुख्यमंत्री माझी

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कार्यक्रम में किसानों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि किसान केवल खेती करने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि देश के अन्नदाता और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। केंद्र सरकार ने किसानों को अधिकार दिलाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी पात्र किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी राजस्व या कृषि कार्यालय से संपर्क कर एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अवश्य कराएं, ताकि सभी सरकारी योजनाओं की राशि बिना किसी रुकावट के सीधे उन तक पहुंच सके।

सीएम-किसान योजना और समृद्ध कृषक योजना के प्रावधान

राज्य सरकार की नीतियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओडिशा की सीएम-किसान योजना छोटे और सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष 4,000 रुपये की वित्तीय मदद दे रही है। साथ ही भूमिहीन कृषि परिवारों, जिनमें शहरी क्षेत्र और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) शामिल हैं, उन्हें 12,500 रुपये की आजीविका सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार समृद्ध कृषक योजना के तहत किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। इस नीति से किसानों को उपज का सही मूल्य मिल रहा है और धान खरीद के लिए किसानों के पंजीकरण में तेजी आई है।

कृषि विद्यानिधि छात्रवृत्ति और प्राकृतिक आपदा राहत

किसान परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर देने के लिए संचालित कृषि विद्यानिधि छात्रवृत्ति का दायरा तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2024-25 में जहां 13,923 विद्यार्थियों को 53.69 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई थी, वहीं 2025-26 में यह संख्या लगभग पांच गुना बढ़कर 68,910 विद्यार्थियों तक पहुंच गई, जिन्हें कुल 291.60 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। इससे चिकित्सा, इंजीनियरिंग और कृषि की उच्च शिक्षा ले रहे परिवारों को सीधा संबल मिला है।

हाल ही में हुई भारी बारिश, बाढ़ और चक्रवात अर्णव के कारण फसलों को पहुंचे नुकसान पर मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि नुकसान का आकलन कराया जा रहा है और निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार किसानों को जल्द ही उचित मुआवजा दिया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री कनक वर्धन सिंहदेव ने कहा कि सरकार आपदा के समय किसानों को राहत पहुंचाने और कृषि को लाभदायक व्यवसाय बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के प्रधान सचिव सचिन रामचंद्र यादव और निदेशक शुभ्रांशु मिश्रा सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

Read more

Related News