New Delhi News: भारत में डिजिटल पेमेंट का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। एनपीसीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 24.51 अरब हो गई है। इस दौरान कुल लेनदेन वैल्यू भी लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 29.82 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई।
प्रतिदिन औसतन 79 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन दर्ज
अगस्त महीने के दौरान यूपीआई प्लेटफॉर्म पर हर दिन औसतन 79.1 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए गए। वहीं दैनिक औसत ट्रांजैक्शन वैल्यू 96,205 करोड़ रुपये रही। यह आंकड़ा जुलाई 2026 की तुलना में काफी बेहतर रहा, जब पूरे महीने में कुल 23.66 अरब ट्रांजैक्शन हुए थे और दैनिक औसत 76.3 करोड़ था।
इसके साथ ही आईएमपीएस के जरिए होने वाले फंड ट्रांसफर में भी 18 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई है। अगस्त में आईएमपीएस से कुल 7.04 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 36 करोड़ ट्रांजैक्शन पूरे हुए। इस दौरान रोजाना का औसत लेनदेन करीब 22,701 करोड़ रुपये का रहा।
दस साल में 12 हजार गुना बढ़ा डिजिटल नेटवर्क
यूपीआई ने बीते एक दशक में अभूतपूर्व विस्तार किया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2017 में केवल 2 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए थे, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 24,162 करोड़ से अधिक हो गए। वहीं सालाना वैल्यू भी 0.07 लाख करोड़ से उछलकर करीब 314 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
भारत का यह डिजिटल सिस्टम अब तक दुनिया के 11 देशों में अपनी पहुंच बना चुका है। इनमें ग्रीस, मालदीव, फ्रांस, सिंगापुर और यूएई जैसे देश शामिल हैं। हाल ही में एनपीसीआई ने उज्बेकिस्तान के हमो नेटवर्क के साथ समझौता किया है, जिससे भारतीय यात्री वहां सीधे क्यूआर कोड स्कैन कर पेमेंट कर सकेंगे।