Kathmandu News: नेपाल में इस हफ्ते की शुरुआत में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के चलते जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है। भोटे कोशी-त्रिशूली कॉरिडोर के आसपास लापता और फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
तिब्बत क्षेत्र में तीन मौतों के साथ इस प्राकृतिक त्रासदी में कुल मृतकों की संख्या 472 तक पहुंच गई है। नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 910 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं। इनमें भारत के 288 नागरिक भी शामिल हैं, जिनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने जारी किए आंकड़े
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि लापता 288 भारतीयों में से 73 लोग त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी हैं। नेपाल प्रशासन ने अभी राष्ट्रीयता के आधार पर मृतकों का विवरण जारी नहीं किया है, इसलिए मृतकों में भारतीयों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
लापता लोगों में तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल के वे तीर्थयात्री व टूरिस्ट भी शामिल हैं, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे। तिब्बत में भी 558 लोग लापता हैं और वहां फंसे लगभग 200 अन्य भारतीयों ने सहायता मांगी है। तमिलनाडु के 21 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
राहत कार्य तेज, हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट जारी
नेपाल पर्यटन बोर्ड की लिस्ट में 178 भारतीय पर्यटक लापता दर्ज हैं। भारत के 288 के कुल आंकड़े में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के कर्मचारी भी शामिल हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बताया कि 69 उड़ानों के जरिए 573 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।