कर्नाटक के मंड्या में मंदिर दर्शन को लेकर विवाद, विधायक की बेटी ने महिला सब-इंस्पेक्टर को मारा थप्पड़ तो मिला जवाबी तमाचा

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Mandya News: कर्नाटक के मंड्या जिले में मंदिर में दर्शन के दौरान वीआईपी प्रोटोकॉल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। तुमकुरु ग्रामीण सीट से बीजेपी विधायक सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या ने ऑन-ड्यूटी महिला सब-इंस्पेक्टर को थप्पड़ जड़ दिया। जवाब में महिला पुलिस अधिकारी ने भी विधायक की बेटी को जोरदार तमाचा जड़ दिया।

घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। पीड़ित महिला सब-इंस्पेक्टर सविता ने आरोपी विधायक की बेटी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आ गया है।

यह विवादित मामला करीब 13 दिन पुराना बताया जा रहा है। बीजेपी विधायक सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या श्रीरंगपट्टनम स्थित आरती उक्कडा मंदिर में भीमना अमावस्या के पावन अवसर पर दर्शन करने पहुंची थीं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात था।

सब-इंस्पेक्टर सविता द्वारा क्यातनहल्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, मंदिर में भारी भीड़ होने के बावजूद ऐश्वर्या सीधे गर्भगृह में जाने की जिद कर रही थीं। जब पुलिस अधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए दो मिनट इंतजार करने को कहा, तो वे भड़क गईं।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक विधायक की बेटी ने अपने पिता के पद और राजनीतिक रसूख की धौंस जमाई। आरोप है कि बहस के दौरान ऐश्वर्या ने ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर सविता को अपशब्द कहे और अचानक थप्पड़ मार दिया। सविता ने कहा कि ऐश्वर्या ने ऑन-ड्यूटी अधिकारी से बदसलूकी कर काम में रुकावट डाली।

शिकायत में कहा गया है कि ऐश्वर्या ने पुलिस अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सर्किल इंस्पेक्टर लक्ष्मी को गर्भगृह के अंदर जाने की इजाजत दी गई, तो उन्हें क्यों रोका जा रहा है। इसी बात को लेकर बहस बढ़ी और बात मारपीट तक पहुंच गई।

मामला तूल पकड़ने के बाद बीजेपी विधायक सुरेश गौड़ा ने अपनी बेटी के इस व्यवहार पर सार्वजानिक रूप से खेद जताया। हालांकि उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस अधिकारी ने उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया था, जिससे स्थिति बिगड़ी। उन्होंने कहा, “मेरी बेटी ने अंदर जाने का अनुरोध किया। पुलिस ने मना कर दिया।”

विधायक ने आगे कहा, “एक सर्किल इंस्पेक्टर को अंदर जाने दिया गया। ऐसा लगता है कि मेरी बेटी के साथ बदसलूकी की गई और फिर झगड़ा शुरू हो गया। मैंने वीडियो नहीं देखा है। मुझे इसके लिए खेद है।” इस थप्पड़ कांड ने धार्मिक स्थलों पर वीआईपी विशेषाधिकार के मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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