जम्मू-कश्मीर में भीषण गर्मी से समर वेकेशन बढ़ी, हिमाचल में मूसलाधार बारिश के चलते स्कूल-कॉलेज बंद

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Srinagar News: उत्तर भारत में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं. जम्मू-कश्मीर में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण स्कूलों की समर वेकेशन बढ़ा दी गई है. दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और रेड अलर्ट को देखते हुए कई जिलों के स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.

जम्मू-कश्मीर की शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर छुट्टियों के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि मौजूदा मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कश्मीर डिवीजन और जम्मू डिवीजन के विंटर जोन वाले सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल अब 22 जुलाई तक बंद रहेंगे.

प्रशासन ने पहले 19 जुलाई तक स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए थे. शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी छात्र 23 जुलाई से अपने निर्धारित समय पर स्कूल आ सकेंगे. स्कूल री-ओपनिंग से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए अभिभावक और छात्र सीधे स्कूल मैनेजमेंट से संपर्क साध सकते हैं.

जम्मू-कश्मीर में गर्मी से राहत नहीं, 6 जुलाई से लागू थीं छुट्टियां

जम्मू-कश्मीर में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए सरकार ने 6 जुलाई से गर्मियों की छुट्टियों का फैसला लिया था. योजना के मुताबिक स्कूल 20 जुलाई से खुलने थे. लगातार बढ़ते तापमान और मौसम को देखते हुए सरकार ने छुट्टियों की अवधि को चार दिन और आगे बढ़ा दिया है.

दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते एहतियातन सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य में रेड अलर्ट घोषित किया है. 21 जुलाई को ज्यादा जोखिम वाले जिलों में सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं.

हिमाचल में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा, स्थगित हुईं सभी परीक्षाएं

हिमाचल प्रशासन ने भारी बारिश, अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की आशंका के चलते यह सुरक्षात्मक कदम उठाया है. राज्य के प्रभावित जिलों में 21 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं. शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को भी ड्यूटी से राहत दी गई है, हालांकि आपदा प्रबंधन के लिए सेवा ली जा सकती है.

मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को अलर्ट रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. स्कूल और जिला प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं और गाइडलाइंस पर ही भरोसा करें.

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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