Delhi News: केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग ने अभी अपनी सिफारिशें नहीं सौंपी हैं। रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग का गठन नवंबर 2025 में हुआ था। आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तक केंद्र में करीब 35.77 लाख असैन्य कर्मचारी थे। इसके अलावा दिसंबर 2025 तक लगभग 33.76 लाख पेंशनभोगी भी पंजीकृत थे। इस आंकड़े में रक्षा पेंशनभोगियों की संख्या शामिल नहीं है। आयोग इन सभी के लिए वेतन और पेंशन समीक्षा कर रहा है।
वेतन संशोधन और पेंशन व्यवस्था पर आयोग की बैठकों का दौर
आयोग कर्मचारियों के वेतन संशोधन, भत्तों और सेवा शर्तों का गहन अध्ययन कर रहा है। इसके लिए देश भर में कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। हाल ही में दिल्ली में क्षेत्रीय बैठकों का दौर सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया है।
नेशनल काउंसिल और पोस्टल फेडरेशन जैसे कई प्रमुख संगठनों ने अपनी मांगें आयोग के सामने रखी हैं। आयोग सभी सुझावों और शिकायतों की समीक्षा करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देगा। मौजूदा तय कार्यक्रम के आधार पर आयोग मई-जून 2027 तक अपनी सिफारिशें सौंपेगा।
52,600 रुपये न्यूनतम वेतन और 2.92 फिटमेंट फैक्टर की मांग
इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन ने न्यूनतम वेतन 52,600 रुपये करने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने आयोग से 2.92 का फिटमेंट फैक्टर तय करने की अपील की है। उनका तर्क है कि मौजूदा समय में इंटरनेट और मेडिकल इंश्योरेंस जैसे खर्च काफी बढ़ गए हैं।
एसोसिएशन ने कर्मचारियों के लिए हर साल 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि की भी सिफारिश की है। इसके अलावा टेक्निकल सुपरवाइजर्स के करियर स्ट्रक्चर में बदलाव की बात कही गई है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना बताया गया है।
आयोग करेगा कई राज्यों का दौरा, परामर्श प्रक्रिया जारी
वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया अभी पूरी तरह से जारी है। आयोग जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ का दौरा करने वाला है। इन शहरों में विभिन्न कर्मचारी संगठनों से विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके बाद ही विभिन्न मांगों पर विचार कर कोई ठोस रूपरेखा तैयार होगी।
अभी तक फिटमेंट फैक्टर या न्यूनतम वेतन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। परामर्श प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सिफारिशें सरकार को सौंपी जाएंगी। सरकार को आधिकारिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही नई वेतन दरों को लागू करने की अंतिम तारीख तय की जाएगी।