Colombo News: श्रीलंका के चाय उत्पादक पर्वतीय इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
घर और सड़कें जलमग्न, 3,500 लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, देश के कई हिस्सों में घर, खेत और प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गई हैं। मध्य श्रीलंका का पर्वतीय क्षेत्र इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना और नौसेना के जवानों को तुरंत तैनात किया गया है।
आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रवक्ता प्रदीप कोडिप्पिली ने बताया कि मध्य क्षेत्र में भूस्खलन के कारण दो मकान ढह गए, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई। वहीं बाढ़ के पानी में डूबने से दो अन्य लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी में 291 मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है और 3,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
चट्टानें गिरने से यातायात ठप, चक्रवात के बाद एक और बड़ी आपदा
स्थानीय चैनलों ने मध्य क्षेत्र की सड़कों पर विशाल चट्टानों, मलबे और टूटे बिजली के खंभों के दृश्य दिखाए हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप है। कई इलाकों में अब भी भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहा है।
यह नई प्राकृतिक आपदा ऐसे समय में आई है जब देश पिछले साल नवंबर में आए चक्रवात ‘दित्वा’ के विनाशकारी प्रभावों से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था। उस चक्रवात के कारण करीब 640 लोगों की मौत हुई थी, 20 लाख लोग प्रभावित हुए थे और देश को लगभग 4.1 अरब डॉलर का भारी नुकसान हुआ था।