Delhi News: जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लिखित आश्वासन न मिलने और सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद पार्टी ने दोबारा सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।
शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 20 जून से शुरू हुआ आंदोलन 25 जुलाई को खत्म हुआ था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में दर्ज मुकदमे वापस लेने पर सहमति बनी थी। हालांकि अब लिखित दस्तावेज न होना नेताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश से फंसा पेच
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की स्वतंत्र जांच का संकेत देते हुए पुलिस को जांच जारी रखने की अनुमति दे दी। हालांकि कोर्ट ने बेदाग लोगों को गिरफ्तार न करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र और राज्यों को 3 अगस्त की अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखना होगा।
कोर्ट के इस रुख के बाद CJP ने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी नेता सौरव दास ने आरोप लगाया कि सरकारी वकील ने 25 जुलाई के समझौते की जानकारी अदालत को नहीं दी। उन्होंने मांग की कि सरकार अगली सुनवाई में समझौते की जानकारी कोर्ट को दे।
CJP नेताओं का दावा है कि जेपी नड्डा ने 28 जुलाई तक लिखित पत्र भेजने का भरोसा दिया था। अब सरकार मामला अदालत के विचाराधीन होने की बात कहकर लिखित पत्र देने से बच रही है। नेताओं का कहना है कि अगर भरोसा टूटा तो छात्रों की रक्षा के लिए दोबारा प्रदर्शन होगा।
बिहार और असम में दर्ज मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू
समझौते के तहत बिहार के 20 जिलों में 64 और असम में 5 मुकदमे वापस लेने के आदेश जारी हो चुके हैं। इसके साथ ही गिरफ्तार लोगों की रिहाई भी शुरू हो गई है। हालांकि दिल्ली और अन्य बीजेपी शासित राज्यों में लिखित आदेश जारी होना अभी बाकी है।
25 जुलाई को हुई वार्ता के बाद जेपी नड्डा ने मीडिया को बताया था कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे और भविष्य में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। अब सभी की नजरें 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।