Delhi News: नीट परीक्षा में धांधली के खिलाफ हुए प्रदर्शनों पर कानूनी कार्रवाई को लेकर सियासी बवाल तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी एसएफआई की संयुक्त सचिव आइशी घोष के बचाव में आ गई है। सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर छात्र नेताओं को प्रताड़ित करने और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का राजनीतिकरण न करे सरकार
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिक फायदों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को दी गई अटूट गारंटी का सम्मान होना चाहिए। सरकार को प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी प्राथमिकियां तुरंत वापस लेनी चाहिए ताकि युवाओं का उत्पीड़न रोका जा सके।
आपराधिक रिकॉर्ड के बहाने प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का आरोप
आपराधिक बैकग्राउंड वाले प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के तर्क का जवाब देते हुए सौरव दास ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अपराधी बाहर घूम रहे थे तो पुलिस को जमानत रद्द करानी चाहिए थी। सरकार पुराने मामलों का बहाना बनाकर निष्ठावान प्रदर्शनकारियों को निशाना नहीं बना सकती, युवा इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
आइशी घोष की गिरफ्तारी पर छात्र नेता आशुतोष रांका की चेतावनी
छात्र नेता आशुतोष रांका ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि आइशी घोष पर कोई कार्रवाई होती है तो अभूतपूर्व प्रदर्शन होगा। उन्होंने सरकार से छात्र नेताओं का उत्पीड़न बंद करने और अपने वादों को पूरा करने की मांग की है। सीजेपी ने स्पष्ट किया है कि वे हर प्रदर्शनकारी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
एसएफआई का दिल्ली पुलिस पर प्रशासन के इशारे पर काम करने का आरोप
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने दिल्ली पुलिस द्वारा आइशी घोष को गिरफ्तार करने की कोशिशों की निंदा की है। एसएफआई ने छात्रों से एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि दिल्ली पुलिस प्रशासन के इशारे पर छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को जानबूझकर निशाना बना रही है।