Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में सरकाघाट उपमंडल के एसडीएम कार्यालय सभागार में मंगलवार को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ। एसडीएम राजेंद्र कुमार गौतम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गोपालपुर विकास खंड के सभी नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान शामिल हुए। इसमें आपदा प्रबंधन, राहत, न्यूनीकरण और पुनर्वास जैसे अहम विषयों पर जानकारी दी गई।
आपदा प्रबंधन में प्रशासन की अहम भूमिका निभाएंगे प्रधान
कार्यशाला में एसडीएम राजेंद्र कुमार गौतम ने कहा कि किसी आपदा के समय पंचायत प्रधान प्रशासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्होंने सभी प्रधानों से अपनी पंचायतों में आपदा राहत नियमों, पात्रता और सहायता वितरण की जानकारी देने का आह्वान किया, ताकि संकट में प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।
कार्यशाला में प्रशासनिक अधिकारी राजेश विमल ने प्रदेश सरकार के आपदा राहत एवं पुनर्वास नियमावली-2012 सहित वर्ष 2023 और 2025 में हुए संशोधनों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को मिलने वाली राहत राशि, मुआवजे के प्रावधानों और पात्रता के तय मानकों के बारे में नवनिर्वाचित प्रधानों को विस्तार से अवगत कराया।
राहवीर और स्वामित्व योजना के नियमों की दी गई जानकारी
अधिकारियों ने पंचायत प्रधानों को युवा टास्क फोर्स वॉलंटियर्स और स्थानीय प्रशासन के जरूरी फोन नंबर सुरक्षित रखने की सलाह दी। इससे आपात स्थिति में तुरंत सूचना साझा की जा सकेगी और बचाव कार्य तेजी से संचालित होंगे। इस दौरान सरकार की राहवीर योजना और स्वामित्व योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी पंचायत प्रतिनिधियों से साझा की गईं।
कार्यशाला में बताया गया कि राहवीर योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले को सरकार द्वारा 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। प्रधानों से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया गया, ताकि लोग घायलों की मदद के लिए आगे आएं और असमय जान गंवाने वालों की संख्या घटे।