New Delhi News: क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में मिली उपकप्तानी की जिम्मेदारी पर असहमति जताई है। एक सवाल-जवाब सत्र के दौरान सचिन ने कहा कि 15 वर्षीय खिलाड़ी पर अभी नेतृत्व का दबाव डालना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार, वैभव को अभी केवल अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए और लाल गेंद के अधिक मैच खेलने चाहिए।
भारतीय क्रिकेट इतिहास में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने बड़ा बयान दिया है। सचिन तेंदुलकर ने सार्वजनिक रूप से चयनकर्ताओं के फैसले पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘रेडिट’ पर प्रशंसकों के साथ सवाल-जवाब सत्र के दौरान अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतनी छोटी उम्र में वैभव सूर्यवंशी को लीडरशिप रोल सौंपना काफी जल्दबाजी होगी।
वैभव सूर्यवंशी ने 15 साल और 99 दिन की उम्र में डेब्यू कर सचिन तेंदुलकर के सबसे कम उम्र में खेलने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड (16 साल 205 दिन) को पीछे छोड़ दिया था। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की टीम का उपकप्तान बनाया गया था।
एक बार में एक ही कदम आगे बढ़ाएं: सचिन तेंदुलकर
रेडिट पर जब एक प्रशंसक ने सचिन तेंदुलकर से पूछा कि 15 वर्ष की आयु में वैभव सूर्यवंशी को कप्तानी या उपकप्तानी की जिम्मेदारी सौंपने को वे किस नजरिए से देखते हैं, तो मास्टर ब्लास्टर ने अपनी राय रखी। सचिन ने लिखा, “मुझे लगता है कि उनके लिए दलीप ट्रॉफी में उप-कप्तान बनना अभी बहुत जल्दबाजी है। हमें उन्हें रेड बॉल से और ज्यादा मैच खेलने देने चाहिए और एक बार में एक ही कदम आगे बढ़ाना चाहिए।”
सचिन का मानना है कि इतनी कम उम्र में प्रशासनिक और कप्तानी का दबाव डालने के बजाय युवा खिलाड़ी को अपने स्वाभाविक खेल और प्रथम श्रेणी क्रिकेट की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करने की छूट मिलनी चाहिए।
ईशान किशन की गैरमौजूदगी में संभाली थी कमान
दलीप ट्रॉफी के चयन के दौरान बिहार के लिए महज आठ रेड-बॉल मैच खेलने वाले वैभव सूर्यवंशी को 100 से अधिक प्रथम श्रेणी मैचों का अनुभव रखने वाले अभिमन्यु ईश्वरन पर प्राथमिकता देते हुए उपकप्तान बनाया गया था। टूर्नामेंट के दौरान जब नियमित कप्तान ईशान किशन चोट के कारण मैदान से बाहर थे, तब सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की अगुवाई भी की थी। उस दौरान वे मैदान पर डीआरएस (DRS) से जुड़े अहम निर्णय लेते नजर आए थे।
वर्तमान में वैभव भारतीय टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम के साथ भी एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में जुड़े हैं। वे शीर्ष क्रम में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे स्थापित खिलाड़ियों के बीच ओपनिंग स्लॉट के लिए एक मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं।