Nurpur News: पुलिस जिला नूरपुर ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पीआईटी एंड एनडीपीएस एक्ट के तहत संपूर्ण हिमाचल प्रदेश में पहली बार नशा तस्करी से अर्जित संपत्ति का वास्तविक कब्जा सरकार के पक्ष में प्राप्त किया है। पुलिस ने डमटाल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 48.30 लाख रुपये मूल्य के दो मंजिला आवासीय भवन और नकदी का भौतिक कब्जा लेकर उसे विधिवत सील कर दिया है।
तस्कर के खिलाफ जब्ती और कब्जे की कार्रवाई
सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEM(FOP) और NDPS एक्ट, 1985), नई दिल्ली द्वारा पारित आदेशों के अनुसार, इंदौरा तहसील के डमटाल निवासी शमशेर सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह की अवैध संपत्तियों को जब्त किया गया था। इनमें गांव छन्नी (तहसील इंदौरा) में स्थित 45,90,557 रुपये मूल्य का दो मंजिला आवासीय भवन और नशा तस्करी से अर्जित 2,40,440 रुपये की नकदी शामिल है, कुल मिलाकर 48,30,997 रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।
4 नवंबर को पूरी हुई कब्जे की कार्रवाई
दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत थाना प्रभारी डमटाल को इस संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने के लिए अधिकृत किया गया था। इसी क्रम में चार नवंबर को पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण किया और आदेश में वर्णित संपत्ति का मिलान करने के बाद सुपुर्दगी पत्र के माध्यम से उसका वास्तविक कब्जा सरकार के पक्ष में ले लिया। नूरपुर पुलिस का यह अभियान केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय जांच और जब्ती के जरिए उनके आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।