Chennai News: बंगाल की खाड़ी और दक्षिण अंडमान सागर में नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने से तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से पश्चिमी घाट, चेन्नई और नीलगिरी समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर नया मौसम तंत्र सक्रिय होने से दक्षिण भारत के तटीय राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण अंडमान क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र और अधिक मजबूत हो गया है। इसके अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। इस मौसमी प्रणाली के असर से तमिलनाडु के तटीय और आंतरिक जिलों में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
हाल ही में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कमजोर पड़ने के बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई थी। अब दक्षिण अंडमान में बने नए सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत के राज्यों, विशेष रूप से तमिलनाडु में मौसम प्रभावित रहने की संभावना है।
1 और 2 नवंबर को तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 1 नवंबर को उत्तरी तटीय जिलों और पश्चिमी घाट से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है। चेन्नई और आसपास के तटीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रह सकता है। इसके अलावा मदुरै, तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, सलेम, इरोड और करूर जैसे आंतरिक जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
2 नवंबर को बारिश का दायरा और अधिक विस्तृत होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नीलगिरी जिले में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मध्यम वर्षा और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।
दीपावली पर भी बारिश के आसार, सामान्य से 37 फीसदी अधिक वर्षा दर्ज
चेन्नई क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक दुरई ने जानकारी दी है कि दीपावली के अवसर पर भी तमिलनाडु के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। इस स्थिति को देखते हुए त्योहार के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में मौजूदा उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान अब तक सामान्य से 37 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, जिसमें नीलगिरी और पश्चिमी घाट से सटे जिले सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।