Chennai News: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात अर्नब के लैंडफॉल के बाद चेन्नई के तटीय इलाकों में समुद्र में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। चेन्नई के 11 किलोमीटर लंबे एन्नोर एक्सप्रेसवे पर समुद्र की ऊंची लहरें सुरक्षा दीवार लांघकर सड़क पर आ गईं और वाहनों से टकराईं। प्रशासन ने एहतियातन ट्रैफिक डायवर्ट किया है, वहीं किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम तट पर मंगलवार देर रात और बुधवार सुबह लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण भारत के कई तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला, जहां समुद्र में उठी प्रचंड लहरें सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए मुख्य सड़क तक पहुंच गईं।
सुरक्षा दीवार लांघकर एक्सप्रेसवे पर पहुंचा पानी
यह घटना उत्तरी चेन्नई स्थित एन्नोर एक्सप्रेसवे पर सामने आई। चक्रवात के असर से उफनते समुद्र की ऊंची लहरें सुरक्षा दीवारों को पार कर सड़क पर आ गईं और वहां से गुजर रहे वाहनों से सीधे टकराईं। अचानक तेज बहाव के साथ आए पानी के कारण चालकों को अपने वाहन रोकने पड़े। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी सामने आया है।
उल्लेखनीय है कि 11 किलोमीटर लंबा यह कोस्टल एक्सप्रेसवे कासिमेडु हार्बर से एन्नोर को जोड़ता है। यह मार्ग चेन्नई और एन्नोर बंदरगाहों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर माल ढुलाई और स्थानीय आवाजाही के लिए होता है।
बंदरगाहों पर सिग्नल 2 और रिहाइशी इलाकों में सतर्कता
तूफान की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही चेन्नई और एन्नोर बंदरगाहों के लिए पोर्ट सिग्नल 2 जारी कर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद समुद्र का पानी एन्नोर और भरतियार नगर के बीच बनी सुरक्षा दीवारों को पार कर आसपास की कुछ बस्तियों तक पहुंच गया।
तटीय इलाकों में जलभराव के बावजूद राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। एहतियात के तौर पर स्थानीय पुलिस ने संवेदनशील हिस्सों में यातायात को डायवर्ट कर दिया है। लैंडफॉल के बाद भी चेन्नई के आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मौसम की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी।