चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ को लेकर ओडिशा में हाई अलर्ट, संवेदनशील जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये जारी

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Bhubaneswar News: बंगाल की खाड़ी में बने अति भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका है। राज्य सरकार ने शून्य जनहानि के लक्ष्य के साथ आठ संवेदनशील जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 466 आश्रय स्थल तैयार कर 48 हजार लोगों को सुरक्षित निकालने की योजना बनाई गई है।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय अति भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्णव’ आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है, जिसके प्रभाव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने राज्यभर में सतर्कता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापट्टनम के बीच तट पार करने का अनुमान है। इसके प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा के जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार को स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन किसी भी आपात चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सरकार ‘शून्य जनहानि’ के संकल्प के साथ राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों में जुटी है।

आठ जिलों के लिए 19 करोड़ रुपये की राहत राशि मंजूर

आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने आठ संवेदनशील जिलों में राहत और आपातकालीन व्यवस्थाओं के लिए 19 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि जारी की है। इस कोष का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने, बचाव अभियानों के संचालन और जरूरी प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।

जमीनी स्तर पर राहत कार्य संचालित करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओड्राफ) और राज्य अग्निशमन सेवा के दलों को दक्षिणी ओडिशा के चिन्हित इलाकों में तैनात किया गया है।

466 आश्रय केंद्र सक्रिय, 48 हजार लोगों को निकालने की तैयारी

प्रशासन ने संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में 466 चक्रवात आश्रय स्थलों को सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ तैयार कर लिया है। इन केंद्रों पर भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयों और प्रकाश की पुख्ता व्यवस्था की गई है। निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले करीब 48 हजार नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

विशेष रूप से मालकानगिरि जिले को सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। यहां के स्थानीय प्रशासन को लोगों की सुरक्षित निकासी, स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और राशन आपूर्ति पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूल-आंगनबाड़ी बंद

मौसम विभाग के अनुसार मालकानगिरि, कोरापुट, नवरंगपुर, रायगड़ा और गजपति जिलों में मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा। तूफान का असर तटीय और आंतरिक इलाकों में भी दिखने लगा है। राजधानी भुवनेश्वर सहित गंजाम, गजपति और कोरापुट में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।

एहतियात के तौर पर दक्षिणी जिलों में विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। राजस्व मंत्री ने नागरिकों से आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाओं या अफवाहों से बचने की अपील की है।

तटीय क्षेत्रों और जगन्नाथ मंदिर परिसर में एहतियाती कदम

चक्रवात के बाहरी प्रभाव के चलते तटीय क्षेत्र पुरी के काकटपुर और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई है। पुरी में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा प्रबंध कड़े किए गए हैं। श्री जगन्नाथ मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने जरूरी कदम उठाए हैं।

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