अमरावती में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से 3,859 नए उद्योग स्थापित, 167.78 करोड़ का कर्ज वितरित

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Amravati News: महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) के तहत अमरावती जिले में पिछले सात वर्षों में 3,859 लोगों ने नए उद्योग शुरू किए हैं। इस अवधि में कुल 167.78 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। वहीं, चालू वित्त वर्ष में सितंबर तक 259 पात्र आवेदकों को 21.64 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

महाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) के माध्यम से अमरावती जिले में सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात वर्षों के दौरान इस योजना की सहायता से जिले में 3,859 उद्यमियों ने अपनी इकाइयां स्थापित की हैं। इस दौरान कुल 167 करोड़ 78 लाख 69 हजार 763 रुपये का बैंक कर्ज वितरित किया गया है।

योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं और नए उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर उत्पादन एवं सेवा क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बन सकें।

परियोजना लागत पर 15 से 35 प्रतिशत तक अनुदान

सीएमईजीपी के तहत नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण दिया जाता है। इसके साथ ही सरकार की ओर से परियोजना लागत के एक निर्धारित हिस्से पर वित्तीय अनुदान (सब्सिडी) का भी प्रावधान है। यह अनुदान लाभार्थी की सामाजिक श्रेणी, उद्योग के ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में होने और योजना के लागू नियमों के आधार पर 15 से 35 प्रतिशत तक तय किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निर्धारित पात्रता और शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है।

विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के इन व्यवसायों को मिलती है मदद

इस कार्यक्रम के अंतर्गत उत्पादन और सेवा से जुड़े विभिन्न प्रकार के लघु उद्योगों को वित्तीय सहायता दी जाती है। इनमें मुख्य रूप से खाद्य प्रसंस्करण, लघु विनिर्माण, फैब्रिकेशन कार्य, फर्नीचर निर्माण, रिपेयरिंग सेंटर, कंप्यूटर व आईटी सेवाएं, पैकेजिंग उद्योग और अन्य प्रसंस्करण इकाइयां शामिल हैं। इससे युवा अपनी तकनीकी दक्षता और स्थानीय संसाधनों के आधार पर व्यवसाय चुन सकते हैं।

चालू वित्त वर्ष में 259 आवेदकों को मिला लाभ

जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सितंबर माह तक जिले से कुल 1,743 उद्यमियों ने उद्योग लगाने के लिए आवेदन किया था। विभागीय जांच और पात्रता परीक्षण के उपरांत इनमें से 259 आवेदक पात्र पाए गए। इन चयनित लाभार्थियों को 21 करोड़ 64 लाख 94 हजार 86 रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के तकनीकी और वित्तीय रूप से व्यवहार्य पाए जाने पर ही ऋण व अनुदान की मंजूरी दी जाती है।

सात वर्षों की प्रगति और आवेदन प्रक्रिया

जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त नीलेश निकम ने बताया कि बीते सात वर्षों में योजना ने अमरावती जिले में जमीनी स्तर पर स्वरोजगार को मजबूत आधार दिया है। 3,859 इकाइयों के शुरू होने से न केवल उद्यमी आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी आजीविका के साधन तैयार हुए हैं।

योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पात्र व्यक्ति मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के आधिकारिक वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर), अनुमानित लागत, रोजगार क्षमता का विवरण और आवश्यक व्यक्तिगत व शैक्षणिक पहचान दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। विभाग ने युवाओं को सलाह दी है कि वे आवेदन से पूर्व पात्रता मानकों और नियमों की विस्तृत जानकारी अवश्य जांच लें।

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