Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने पेप्सिको की अपील पर तुरंत दखल देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने एनर्जी ड्रिंक लेबल वाले उत्पाद बनाने की रोक पर सिंगल जज से कारण स्पष्ट करने को कहा। एक्टिंग चीफ जस्टिस की बेंच ने यह निर्देश एक हफ्ते के भीतर पूरा करने का आदेश दिया।
डिविजन बेंच ने मामले के गुण-दोष पर विचार से किया इनकार
एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच ने सुनवाई की। अदालत ने कहा कि आदेश में खास वजहें दर्ज नहीं हैं। इस स्टेज पर मेरिट्स पर विचार नहीं होगा। अंतरिम राहत को पक्का करने की अर्ज़ी अभी सिंगल जज के पास लंबित है।
कोर्ट ने माना कि एनर्जी ड्रिंक लेबल के साथ प्रॉडक्ट्स बनाने की अनुमति न देने का कोई ठोस कारण नहीं दिखा। दूसरे मामले में ऐसी राहत मिली थी। बेंच ने निर्देश दिया कि छह अक्टूबर के आदेश के पैराग्राफ 13 की टिप्पणियों के लिए कारण रिकॉर्ड किए जाएं।
एफएसएसएआई के आदेश और पेप्सिको की दलीलों पर सुनवाई
पेप्सिको के वकील ने कहा कि कंपनी को कड़े एक्शन से राहत मिली थी। उन्हें स्टिंग एनर्जी और एड्रेनालाईन रश का मौजूदा स्टॉक बेचने की छूट मिली। हालांकि नया उत्पादन रोकने का फैसला सही नहीं था। वहीं एफएसएसएआई के वकील ने अपील का विरोध करते हुए इसे सुनवाई योग्य नहीं बताया।
सिंगल जज ने पहले आदेश में मौजूदा स्टॉक बेचने की अनुमति दी थी। नया माल बनाने पर रोक लगाई गई थी। एफएसएसएआई ने पेप्सिको को एनर्जी ड्रिंक शब्द हटाने और देश भर में उत्पाद जब्त करने का निर्देश दिया था। इस फैसले को पेप्सिको ने अदालत में चुनौती दी है।