Seoul News: उत्तर कोरिया ने शनिवार को समुद्र की तरफ कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह मिसाइल प्रक्षेपण अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के साझा सैन्य अभ्यास समाप्त होने के ठीक एक दिन बाद हुआ। उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को खुली उकसावे की कार्रवाई मानता है और लगातार इसका कड़ा विरोध करता रहा है।
तीन हफ्तों के भीतर उत्तर कोरिया की ओर से हथियारों का यह पहला परीक्षण है। सैन्य अभ्यास से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ एक द्विपक्षीय युद्धाभ्यास को सीमित किया था। अमेरिका के इस सद्भावना संकेत के बाद भी उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत का आक्रामक प्रदर्शन जारी रखा है।
वोनसान से दागी गईं ढाई सौ किलोमीटर रेंज की मिसाइलें
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार मिसाइलें उत्तर कोरिया के वोनसान शहर से दागी गईं। सभी मिसाइलों ने पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर करीब ढाई सौ किलोमीटर की दूरी तय की। इस घटना के बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका व जापान से खुफिया इनपुट साझा किए हैं।
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बयान जारी कर उत्तर कोरिया से ऐसे मिसाइल परीक्षण रोकने की मांग की है। परिषद ने स्पष्ट कहा कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन है। दक्षिण कोरियाई नेतृत्व ने क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाने की आवश्यकता जताई है।
अमेरिकी प्रशांत कमान ने कहा फिलहाल कोई सीधा खतरा नहीं
अमेरिकी प्रशांत कमान ने बयान में कहा कि इस मिसाइल परीक्षण से अमेरिकी सरजमीं या उसके सहयोगियों को कोई सीधा खतरा नहीं है। इसके साथ ही कमान ने दोहराया कि अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने शुक्रवार को पांच दिनों का संयुक्त ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास पूरा किया था। इस त्रिपक्षीय अभ्यास के तत्काल बाद उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइलें दागना क्षेत्रीय शक्ति संतुलन और सुरक्षा रणनीति को लेकर उसकी आक्रामक नीतियों और तीखे तेवरों को साफ दर्शाता है।