Islamabad News: पाकिस्तान में इस साल के शुरुआती छह महीनों में बच्चों के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार के 1,914 मामले दर्ज किए गए हैं। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की उपाध्यक्ष सीनेटर शेरी रहमान ने इन आंकड़ों को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताते हुए सुरक्षा तंत्र पर सवाल उठाए हैं।
शेरी रहमान ने बताया कि यह डरावने आंकड़े जनवरी से जून 2026 के बीच सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मासूम बच्चों को परिवार, समाज और सरकार से सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन वे लगातार अपराध का शिकार हो रहे हैं। इन वारदातों पर तुरंत और कड़े कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
पंजाब प्रांत में सबसे ज्यादा 80 फीसदी मामले आए सामने
आंकड़ों के अनुसार कुल दर्ज मामलों में से 80 प्रतिशत अकेले पंजाब प्रांत से हैं। सीनेटर ने कहा कि इस स्थिति से बाल संरक्षण तंत्र की विफलता साफ दिखती है। यह जांचना बेहद जरूरी है कि क्या बच्चे सुरक्षित तरीके से शिकायत कर पा रहे हैं और क्या दोषियों को कानून के तहत सजा मिल रही है।
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि 45 प्रतिशत घटनाएं बच्चों के अपने घरों के अंदर हुईं। इसके अलावा 43 प्रतिशत मामलों में अपराधी पीड़ितों के परिचित ही निकले। शेरी रहमान ने दो टूक कहा कि बच्चों पर किसी भी तरह का जुल्म करने वालों को कतई बख्शा नहीं जाना चाहिए।